सिरसा। लंबे समय से किसान और आंगनबाड़ी वर्कर्स मांगों को लेकर अधिकारियों को मांग पत्र सौंप रहे हैं। जिसके चलते सोमवार को किसानों और आंगनबाड़ी वर्कर्स ने अलग-अलग समय पर लघु सचिवालय का घेराव किया। जिसके चलते दिनभर लघु सचिवालय के गेट पर कर्मचारियों और किसानों की भीड़ लग रही। वहीं किसानों ने लघु सचिवालय के समक्ष दो घंटे और आंगनबाड़ी वर्कर्स ने डेढ़ घंटे तक घेराव किए रखा। ऐसे में सचिवालय की सुरक्षा को भी पहले से बढ़ाया गया और भारी पुलिस बल गेट पर तैनात कर उसे बंद रखा गया। कार्य करवाने पहुंचे लोगों को पिछले गेट से भेजा गया।
सोमवार को दोपहर एक बजे हरियाणा किसान मंच के बैनर तले 300 से अधिक किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर लघु सचिवालय में पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने सचिवालय के गेट के समक्ष ही धरना दे दिया। करीब दो घंटे रोष प्रदर्शन करने के बाद किसानों की पांच सदस्य कमेटी उपायुक्त अनीश यादव को मांग पत्र सौंपने के लिए उनके कार्यालय में पहुंची। यहां पर उन्होंने मांगों को लेकर उपायुक्त के साथ चर्चा की। किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि उपायुक्त ने बैठक के बाद शुक्रवार तक सभी मांगों को हल किए जाने की बात कही है। अगर शुक्रवार तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो वे अगले सोमवार को लघु सचिवालय के समक्ष ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचेंगे और पक्का मोर्चा लगाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर बाबा गुरदीप सिंह झिड़ी, लखा सिंह अलीकां, जरनैल सिंह, सतपाल सिंह, नैब मलड़ी, अनिल चामल, देव चामल आदि उपस्थित रहे।
ये रहीं किसानों की मुख्य मांगें
किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि गुलाबी सूंडी से खराब हुई फसल का मुआवजा उन्हें अभी तक नहीं मिला है। वहीं नहरी विभाग की ओर से उन्हें केवल माह में आठ दिन ही पानी दिया जा रहा है। जिसे बढ़ाकर 15 दिन तक किया जाए। वहीं लंबे समय से बंद पड़े कनेक्शनों को खोला जाए और यूरिया खाद की कमी को दूर किया जाए।
आंगनबाड़ी वर्कर्स ने डेढ़ घंटे किया सचिवालय का घेराव, ड्यूटी पर लौटने के जारी किए नोटिस फूंके
वहीं दूसरी तरफ इसके पश्चात दोपहर दो बजे मांगों को लेकर धरने पर बैठी आंगनबाड़ी वर्कर्स भी लघु सचिवालय का घेराव करने के लिए पहुंच गई। करीब 200 के लगभग आंगनबाड़ी वर्कर्स ने सचिवालय का घेराव कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंगनबाड़ी एवं हेल्पर्स यूनियन के बैनर तले सभी वर्कर्स घेराव में शामिल हुईं। डेढ़ घंटे के रोष प्रदर्शन के बाद वर्कर्स ने संबंधित विभाग द्वारा ड्यूटी पर लौटने के भेजे नोटिस की प्रतियां फूंक रोष प्रकट किया। वहीं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया जाता तो वह 12 जनवरी को जेल भरो आंदोलन करेंगी और 13 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना देकर लोहड़ी जलाएंगी। यूनियन की प्रधान कृष्णा ने बताया कि बीते 32 दिन से वह काम छोड़कर धरने पर बैठी है। जिसके बाद अब महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से उन्हें नौकरी पर लौटने का नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में दिया गया है कि अगर वह जल्द ही काम पर नहीं लौटतीं हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। गुस्साईं वर्कर्स ने लघु सचिवालय के समक्ष जारी किए गए नोटिस की प्रतियां फूंकी है। किसानों ने भी आंगनबाड़ी वर्कर्स की मांगों को समर्थन दिया। इस मौके पर जिला सचिव प्रोमिला, जिला कार्यकारिणी शकुंतला व उप प्रधान वीरो रानी ने भी संबोधित किया।
महिला पुलिस कर्मी पर लगाए गलत शब्द बोलने के आरोप
आंगनबाड़ी वर्कर्स द्वारा रोष प्रदर्शन किए जाने के दौरान वर्कर्स ने एक महिला पुलिस कर्मी पर अपशब्द बोलने के आरोप लगा दिए। जिसके बाद मामला बिगड़ना शुरू हो गया। इस पर मौके पहुंचकर सिविल लाइन एचएचओ ने सभी प्रदर्शनकारियों को शांत किया। एसएचओ ने मौके पर पहुंचकर सभी को संबोधित करते हुए माफी मांगी। इसके पश्चात किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि इस बार तो वह महिला पुलिस कर्मी को माफ कर रहे हैं। अगर इस तरह की गलती वह दोबारा से करते हैं तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
मांगों को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन, एसडीएम कार्यालय का घेराव
गोरीवाला (डबवाली)। अखिल भारतीय किसान सभा व हरियाणा किसान एकता डबवाली के किसान व महिलाओं ने विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। सभी किसान अलीका गांव से एसडीएम कार्यालय पहुंचे। किसानों के घेराव करने के दो घंटे बाद भी कोई अधिकारी किसानों के बीच नहीं पहुंचा, तो किसान जबरदस्ती कार्यालय के अंदर घुसकर कार्यालय के अंदर ही बैठ गए। आक्रोशित किसानों ने एसडीएम कार्यालय में किसानों की दुश्मन जजपा-भाजपा सरकार मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाए।
किसानों के बीच पहुंचे तहसीलदार भुवनेश कुमार को किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम स्वयं पहुंचकर समझौते को धरातल पर लागू करने का आश्वासन नहीं देते तब तक नहीं उठेंगें। एसडीएम कार्यालय में भारत माला समझौते को लागू करने व अवैध नशे के व्यापार को तत्काल बंद करने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया गया। एसडीएम राजेश कुमार ने किसानों के बीच पहुंच आश्वस्त किया कि जल्द ही किसानों के बाकी अवार्ड दिए जाएंगे। जब तक अधिकृत भूमि, नलकूपों, पेड़ों की राशि किसानों के खातों में नहीं आएगी। तब तक रोड का कार्य नहीं किया जाएगा। किसानों ने ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि अगर मानी गई जायज मांगों को लागू नहीं किया गया, तो संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में पूरे जिला में किसानों को लामबंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
9 गांवों के किसान कर रहे हैं आंदोलन
किसान नेता का. राकेश फगोड़िया, एसपी सिंह मसीतां, जसवीर सिंह भाटी, गुरप्रेम सिंह देसूजोधा व दया राम उलानियां ने बताया कि भारतमाला एनएच 754 के नेशनल हाईवे में डबवाली के 9 गांव के किसान लंबे अरसे से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत है। अनेक बार प्रदर्शन कर एसडीएम के मार्फत ज्ञापन दिए गए। लंबे आंदोलन के बाद भी किसानों को भूमि के पूरे अवार्ड नहीं दिए गए और अचानक भारी पुलिस बल के साथ कब्जा कार्रवाई की थी। तब किसान टंकी पर चढ़ गए थे, जिसके 32 घंटे बाद 10 सूत्रीय मांगों में से 8 मांगों पर सहमति बनी थी। प्रशासन द्वारा किसानों को आश्वस्त किया गया था कि जल्द मांगों को धरातल पर लागू किया जाएगा और उसके बाद ही हाईवे का निर्माण होगा। लेकिन, टंकी आंदोलन के डेढ़ माह बाद भी आज तक उन मांगों को धरातल पर लागू नहीं किया गया।
लघु सचिवालय मे धरना देते किसान- फोटो : Sirsa
लघु सचिवालय मे पत्र जलाती महिलाएं- फोटो : Sirsa