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बिना मान्यता की डिग्री से उलझन में छात्र

Sun, 09 Mar 2014 01:18 AM IST
सिरसा।
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बार कौंसिल ऑफ इंडिया से विधि की डिग्री को मान्यता न मिलने से चौधरी देवीलाल विश्वविद्यायल के विधि विभाग में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी असमंजस में हैं।
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मान्यता की मांग को लेकर विद्यार्थियों का कक्षाओं का बहिष्कार शनिवार को भी जारी है और टैगोर भवन के आगे नारेबाजी की। सीडीएलयू के विधि विभाग में तीन वर्षिक कोर्स में 80 और पांच वर्षीय कोर्स में 60 सीटें हैं। लेकिन मान्यता न होने के कारण यहां से पास होने वाले छात्र वकालत के लिए पंजीकरण नहीं करा सकते। इस कारण छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है।

नहीं हो रहा पंजीकरण
हम कई दिनों से डिग्री की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले साल एलएलबी कर चुके विद्यार्थियों का वकालत के लिए पंजीकरण नहीं हो रहा है। यदि अब मंजूरी नहीं मिली तो इस वर्ष पास आउट होने वाले विद्यार्थी भी डिग्री मिलने के बावजूद वकालत नहीं कर पाएंगे।
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-युनूस सलीम

सभी छात्र हैं चिंतित 
बार काउंसिल ऑफ इंडिया से कोर्स को मान्यता न मिलने के कारण डिग्री पूरी करने के बाद वकालत नहीं कर सकते। इसलिए इस कोर्स की यहां से पढ़ाई करने का भी कोई औचित्य नहीं बचता। विभाग के सभी छात्र अपने करियर को लेकर चिंतित हैं।
-चंचल


तो दाखिला बंद कर देना चाहिए 
बार कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा सीडीएलयू के विधि विभाग को मान्यता न दिए जाने पर सभी विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। जब मान्यता नहीं थी तो यूनिवर्सिटी को दाखिला नहीं देना चाहिए था।
-रेणु अवतार

दाखिले से पहले बताना चाहिए था (फोटो)
मान्यता न मिलने पर न केवल अंतिम वर्ष के विद्यार्थी बल्कि प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी भी चिंता में हैं। उन्हें भी तो एक-दो वर्ष बाद पास आउट होना है। विद्यार्थियों को चिंता है कि कहीं उनकी डिग्री बेकार ही न हो जाए। यूनिवर्सिटी को दाखिलेे से पूर्व स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।
-अलका रानी

ठगे सा महसूस कर रहे हैं 
अगर समय रहते बार कौंसिल ऑफ इंडिया में सीडीएलयू के विधि विभाग को हरी झंडी नहीं दी तो उनका भविष्य दांव पर लग जाएगा। वे लॉ में दाखिला लेकर ठगे से महसूस कर रहे हैं। जब तक मान्यता नहीं मिलेगी तब तक वे अपने संघर्ष को जारी रखेंगे।
-दिलराज कौर

मान्यता को लेकर चिंता है
मान्यता को लेकर बहुत चिंता हो रही है। कक्षाओं का बहिष्कार कर वे विश्वविद्यालय पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि मान्यता लेने की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए। सीडीएलयू के विधि विभाग में तीन वर्षिक कोर्स में 80 और पांच वर्षीय कोर्स में 60 सीटें हैं। सभी वर्षों के विद्यार्थी ऊहापोह की स्थिति में हैं।
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-अशोक
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