सिरसा। राजस्थान के व्यक्ति को अगवा कर नौ करोड़ की ठगी के बाद गिरफ्तार किए गए मामले में अब एसपी ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। शहर थाना पुलिस ने आरोपी को रोजनामचा में दर्ज करने की बजाए गिरफ्तारी दिखा दी। इस पर एसपी ने थाना प्रभारी और जांच अधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया जबकि अब थाना के मुंशी को निलंबित करने के आदेश दिए है। शहर थाना पुलिस की लापरवाही मामले में अभी दो के खिलाफ फैसला लेना बाकी है। क्योंकि थाना प्रभारी सहित पांच पुलिस कर्मियों को शो काज नोटिस दिए गए थे।
एसपी डॉ. अर्पित जैन ने शहर थाना पुलिस में तैनात मुंशी राजेश को अब निलंबित करने के आदेश जारी किए है। वहीं बीते दिन जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र की ओबीसी कॉलोनी से शशिकांत शर्मा के अपहरण मामले में राजस्थान पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार देर शाम को जयपुर पूर्व जिला के रामनगरिया थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम महेरिया पुलिस टीम के साथ सिरसा पहुंचे। शहर थाना में उन्होंने इंस्पेक्टर विक्रम सिंह व गिरफ्तारी प्रकरण के जांच अधिकारी से डेढ़ घंटा बातचीत की। गिरफ्तारी के पूरे प्रकरण पर सवाल पूछे और साथ ही सोनीपत पुलिस के कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई। राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तारी व रोजनामचा संबंधी रिकॉर्ड भी शहर थाना पुलिस से हासिल किया है।
यह था पूरा मामला
सिरसा पुलिस को 2013 में धोखाधड़ी के मामले में शशिकांत की तलाश थी। 23 जनवरी को सिरसा शहर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान शशिकांत ने जानकारी दी कि सोनीपत पुलिस के एएसआई शिव कुमार, सिपाही मोनू व पांच अन्य ने उसका जयपुर के फ्लैट से दोस्त गौरव के साथ अपहरण कर लिया और फिर उसे सोनीपत के खरखौदा लाया गया। यहां मारपीट कर उसका फोन अनलॉक करवा लिया गया तथा नौ करोड़ रुपये कीमत के 30 बिटक्वाइन दूसरे के खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जिसके बाद सिरसा पुलिस ने सोनीपत के पुलिस कर्मचारियों पर जीरो एफआईआर दर्ज कर राजस्थान पुलिस को भेज दिया। वहीं आरोपी शशिकांत अब सिरसा जेल बंद में है।