रेलवे चौकी पर बच्ची अपने परिजनों के साथ।
- फोटो : Sirsa
रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर को बठिंडा से कालांवाली ट्रेन के माध्यम से आई महिला से एक बच्ची बिछड़ गई। उस बिछड़ी बच्ची को रेलवे पुलिस और शहर की सामाजिक संस्थाओं के लोगों ने उसे तुरंत सोशल मीडिया के माध्यम से उसके परिवारजनों से मिलवाकर इंसानियत का फर्ज अदा किया। जिस पर बच्ची के परिवार के सदस्यों ने रेलवे पुलिस व शहर के समाजसेवी लोगों का आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार बठिंडा से रेवाड़ी को जाने वाली ट्रेन से रविवार को दोपहर करीब एक बजकर 45 मिनट पर एक बुजुर्ग महिला अपनी परिवार के साथ कालांवाली स्टेशन पर उतरी। इस दौरान ट्रेन से उतरकर जब वह महिला रेलवे स्टेशन पर पानी पीने लगी तो उसकी करीब 5 वर्षीय पोती उससे बिछुड़ गई। जिसके महिला के शोर मचाने पर रेलवे चौकी प्रभारी भूप सिंह ने उस महिला की सुध लेकर घटना की जानकारी ली। जिस पर रेलवे चौकी प्रभारी ने तुरंत अपनी टीम के साथ ट्रेन के सभी डिब्बों की जांच करते हुए सिरसा पहुंचे। लेकिन उन्हें ट्रेन में कहीं भी बच्ची नहीं मिली।
लेकिन इसी दौरान शहर के मानवाधिकार मिशन के जिलाध्यक्ष कृष्ण जिंदल को किसी साथी सिकंदर सिंह व विक्की कुमार ने सूचना दी कि शहर के देसूमलकाना रोड फाटक के पास एक 5 वर्षीय बच्ची राजबीर अकेली रोती हुई घूम रही है। जिस पर जिलाध्यक्ष कृष्ण जिंदल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्ची से उसके परिजनों की जानकारी ली और सोशल मीडिया के माध्यम से बच्ची की फोटो दिखाकर उसके परिजनों से मिलवाने की अपील की। जिसके कुछ मिनटों बाद ही रेलवे पुलिस से जानकारी प्राप्त हुई कि बच्ची राजबीर के परिजन रेलवे चौकी में बैठे हैं और वह बच्ची क्षेत्र के गांव जंडवाला की रहने वाली है। जिस पर कृष्ण जिंदल ने तुरंत रेलवे चौकी पहुंचकर बच्ची के परिवारजनों से मिलवाया। तब बच्ची के परिवारजनों गुरपाल सिंह ने रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी भूप सिंह व अन्य स्टाफ सदस्यों, मानवाधिकार मिशन के जिलाध्यक्ष कृष्ण जिंदल, समाजसेवी सिकंदर सिंह, विक्की कुमार और सोनू कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इन दिनों सोशल मीडिया पर चल रही बच्चे अपहरण करने की बातों के चलते घबरा गए थे। लेकिन शहरवासियों ने उसकी बच्ची को मुझसे मिलवाकर इंसानियत का परिचय दिया।