सीआईए डबवाली ने एक खास सूचना केे आधार पर गांव बप्पां में छापेमारी करते हुए एक व्यक्ति को एक क्विंटल चूरा-पोस्त सहित काबू करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के खिलाफ बडागुढ़ा थाना में अभियोग दर्ज करवाया गया है।
सीआईए को सूचना मिली थी कि मानसा से बप्पां में आकर रहने वाले लक्ष्मण सिंह नामक व्यक्ति की ढाणी में चूरा-पोस्त की एक बड़ी खेप आई है। पुलिस ने आरोपी के यहां छापेमारी करते हुए 5 बैग में भरा एक क्विंटल चूरा-पोस्त बरामद किया। सूचना पाकर डीएसपी डबवाली किशोरी लाल ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार आरोपी लक्ष्मण सिंह लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी करता है। आरोपी से एसटीएफ स्टाफ ने बीते वर्ष की 21 सितंबर को एक क्विंटल 92 किलो चूरा पोस्त सहित काबू किया था। आरोपी कुछ समय पूर्व ही जमानत पर बाहर आया था। बताया गया है कि जेल में उसकी मुलाकात भीलवाड़ा के एक तस्कर सोहन लाल से हुई। जमानत पर बाहर आने के बाद सोहन लाल ने ही लक्ष्मण सिंह को नशे की खेप मुहैया करवाई। सूत्र बताते हैं कि सोहन लाल बीते दिन ही रात को गाड़ी में नशे की खेप लक्ष्मण की ढाणी में छोड़कर गया था। लक्ष्मण ने सोहन लाल को पैसे नशा बेचने के बाद देने थे। थाना प्रभारी कमलेश रानी ने बताया कि आरोपी लक्ष्मण को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सोहन लाल की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस व खुफिया तंत्र पर उठ रहे सवाल
सीआईए द्वारा लक्ष्मण सिंह को नशे की खेप सहित काबू करने का मामला बडागुढ़ा पुलिस व खुफिया तंत्र पर कई सवाल खड़े करता है। क्योंकि तस्कर लक्ष्मण सिंह पर एनडीपीएस के कई मामले दर्ज होने के बावजूद भी उस पर नजर नहीं रखी गई। दूसरा ये कि बीते वर्ष की 21 सितंबर को उसकी ढाणी से एक क्विंटल 92 किलोग्राम चूरा-पोस्त एसटीएफ ने ही बरामद किया था। शनिवार रात्रि को की गई कार्रवाई में डबवाली सीआईए ने करीब 60 किलोमीटर दूर बैठकर भी तस्कर की जानकारी जुटाते हुए बड़ी सफलता हासिल कर ली। दोनों कार्रवाई बाहरी पुलिस द्वारा किए जाना बडागुढ़ा पुुलिस के अलावा खुफिया तंत्र की नाकामी जाहिर करता है। बता दें कि एसटीएफ द्वारा बीती 2 जून को भी एक ढाणी से 39 हजार नशीली गोलियां बरामद की गई थी।