ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में संघर्षरत स्वर्णकारों ने मंगलवार को ‘अच्छा दिन’ मनाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का गुणगान करते हुए कुरकुरे बेचे। छह स्वर्णकारों ने एक दिन में 500 रुपये की मजदूरी की। स्वर्णकारों ने आज प्रदर्शन व्यंग्यात्मक शैली में किया। स्वर्णकारों के अनुसार जब तक सरकार अपना तुगलकी फरमान वापस नहीं लेती तब तक वे प्रदर्शन करते रहेंगे। दूसरी ओर स्वर्णकार गांधी चौक पर भी धरना लगाए हुए हैं।
मंगलवार को स्वर्णकार जवाहर सिंह खुरमी, आशू जौड़ा, तेजी खुरमी, राजू, हैप्पी, छिंदा कुरकुरे लगाकर अपनी बंद दुकान के आगे बैठ गए। सुबह से शाम तक पांच सौ रुपये कमाए। लोग यह सब देखकर हैरान रह गए। स्वर्णकारों ने कहा कि मोदी जी, लोकसभा चुनाव से पहले अच्छे दिनों की बातें कर रहे थे, वैसे दिन आ गए हैं। इसलिए वे मोदी जी का तहदिल से आभार प्रकट करते हैं। मोदी जी ने उन्हें सड़कों पर ला दिया है। पिछले करीब एक हफ्ते से एक पाई भी नहीं कमाई।
हड़ताल दूसरे दिन भी जारी
सिरसा (ब्यूरो)। स्वर्णकार संघ के प्रधान राजकुमार सोनी, सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान सुरजीत सोनी व ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रधान मुकेश सर्राफ के नेतृत्व में स्वर्णकारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। इस मौके पर स्वर्णकारों को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने कहा कि जब तक इस काले कानून को खत्म नहीं किया जाता, उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
स्वर्णकारों के इस आंदोलन को हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल की ओर से हीरा लाल शर्मा, युवा इकाई की ओर से कपिल अनेजा, मोबाइल एसोसिएशन से पंकज कामरा, राजकुमार रोहिलीवाल ने अपना समर्थन दिया। स्वर्णकारों ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि इस काले कानून को उन पर थोपा न जाए। वहीं स्वर्णकार संघ के प्रधान राजकुमार सोनी ने सभी स्वर्णकार, ज्वैलर्स व इस कारोबार से जुड़े सभी लोगों विशेषकर ग्रामीण स्वर्णकारों से आह्वान किया कि वे 17 मार्च तक ईमानदारी से अपने प्रतिष्ठान बंद रखें और इस दिन दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में भाग लें।
इस अवसर पर सुखविंद्र सोनी, बलबीर सोनी, कांशीराम सोनी, प्रदीप रातुसरिया, गजानंद सोनी, सुरेंद्र फुटेला, रूपराम सोनी, दवेंद्र सोनी, भगवान दास वर्मा, सुंदर सोनी, जगदीश सोनी, रतन साखुवाला, चंद्रशेखर सोनी, अनिल, सुरेश सोनी, संजय सोनी, किशोर सोनी, प्रधान विजय मराठा, मेघा बंगाली, अशोक सोनी, दिनेश सोनी, भागीरथ भुण आदि स्वर्णकार मौजूद रहे।