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गंदगी का अंबार, सेहत की उम्मीद बेकार

Fri, 08 Apr 2016 01:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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अस्‍पताल - फोटो : Bureau
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विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सामान्य अस्पताल में एक तरफ डॉक्टर मरीजों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में जुटे थे तो दूसरी ओर परिसर में जानवर घूम रहे थे।
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सामान्य अस्पताल परिसर में जानवरों के कारण गंदगी का आलम है। खासकर वहां जहां पानी पीने की व्यवस्था है। वाटर कूलर के पास  जानवर आराम फरमाते रहते हैं और मरीजों का मजबूरी में यहीं से पीने का पानी लेना होता है। इस दौरान जानवरों द्वारा हमले की घटनाएं भी हो चुकी हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल परिसर में 24 घंटे जानवर घूमते रहते हैं। इनके कारण तो स्वस्थ व्यक्ति भी अस्पताल में बीमार हो जाए।

सामान्य अस्पताल में प्रतिदिन उपचार के लिए करीब एक हजार लोग आते हैं। इनके लिए अस्पताल में न तो शुद्ध पेयजल का प्रबंध है और न ही आज के समय में जरूरी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं। जिले भर से लोग बड़ी आस के साथ सामान्य अस्पताल आते हैं लेकिन जब उन्हें जरूरी उपचार और सुविधाएं नहीं मिलते तो मजबूरन उनको निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। लोगों को जो सुविधाएं सामान्य अस्पताल में नि:शुल्क मिलती हैं उन सुविधाओं के लिए निजी अस्पताल संचालक मोटी रकम वसूलते हैं।
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लोगों को गुमराह करते हैं साइन बोर्ड
सामान्य अस्पताल परिसर में लगे बोर्ड में यहां मौजूद सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई है। साइन बोर्ड में लिखा है कि सीटी स्कैन के लिए 35 नंबर कमरा और अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 28 नंबर कमरे में जाएं। रोगी इन कमरों के पास पहुंचते हैं तो पूरा कमरा खाली मिलता है। इसके बाद रोगियों से कहा जाता है कि प्राइवेट अस्पताल में जाकर यह टेस्ट करवाकर लाओ। सिरसा के सामान्य अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन डेढ़ दशक से खराब पड़ी है और अल्ट्रासाउंड मशीन को कंडम हुए एक दशक हो गया है। नौबत यह आ चुकी है कि एक मात्र एक्स रे मशीन भी कंडम हो चुकी है। लोगों का कहना है कि जो सुविधाएं अस्पताल में नहीं है उसे साइन बोर्ड से हटा लेना चाहिए ताकि वे गुमराह न हों।

दवाइयों की भी कमी
सामान्य अस्पताल में रोगियों को दवाइयां नि:शुल्क दी जाती हैं लेकिन जब बीमारी से संबंधित दवा वहां नहीं मिलतीं तो रोगियों को बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। अस्पताल के दवा भंडार में लीवर टॉनिक और आई ड्रॉप्स काफी समय से नहीं है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि हर प्रकार की दवाइयों की डिमांड खपत अनुसार ऊपर भेजी जाती है। जल्द ही ये दवाएं आ जाएंगी।

बैठने तक की व्यवस्था नहीं
13 लाख की आबादी वाले सिरसा जिले से सामान्य अस्पताल में हर रोज हजारों की संख्या में लोग उपचार के लिए आते हैं। यहां पर काफी देर तक लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन की तरफ से लोगों के लिए आराम से बैठकर इंतजार करने की कोई बेहतर व्यवस्था नहीं की गई है। मजबूर मरीजों को फर्श बैठकर या खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। कई दफा तो मरीज का नंबर सुबह से शाम तक नहीं आता।

वार्ड में टूटे पड़े हैं वाश बेसिन
अस्पताल के मेडिकल वार्ड में कमरों से वाश वेशिन टूटे पड़े हैं जिससे यहां मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चार दिनों से वार्ड में दाखिल रोगी राजेश के तीमारदार बलवंत ने बताया कि वाश बेसिन टूटे होने के चलते हाथ धोने के लिए शौचालय में जाना पड़ता है। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।

बहुत करके देख लिया, फिर प्रयास करेंगे
लावारिस पशुओं को अस्पताल परिसर से खदेड़ने के लिए बहुत प्रयास किए जा चुके हैं। जानवर हैं कि मानते नहीं, इन पर किसी का जोर नहीं चलता। हमें पता है कि ये गंदगी का मुख्य कारण है जिससे बीमारियां फैलती हैं। इन्हें खदेड़ने के लिए फिर से प्रयास करेंगे। जहां तक सुविधाओं का सवाल है तो मेरे लेवल के तहत जो भी सुविधाएं है वो तुरंत प्रभाव से दूंगा। गर्मियों को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। रोगियों को आरओ युक्त शुद्ध जल पीने को मिलेगा। रही बात सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड मशीन व एक्स रे मशीन की तो सरकार के पास नई मशीनें भेजने का प्रस्ताव भेजा हुआ है। उम्मीद है सरकार शीघ्र ही ये आधुनिक मशीनें भेजेंगी।
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-सूरजभान कंबोज, सिविल सर्जन सिरसा
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