स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंजाब के मोगा में दबिश देकर भ्रूण जांच करने वाले गिरोह से जुड़ी एक महिला दलाल को काबू किया है। हालांकि गिरोह की मुखिया महिला मौके से से फरार हो गई। टीम ने आरोपी महिलाओं व लैब संचालक के खिलाफ मोगा पुलिस को शिकायत दी है।
जिला पीएनडीटी अधिकारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने सोमवार को बताया कि सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल को भ्रूण जांचने मामले की सूचना मिली थी। जिसके बाद डॉ. हरसिमरन सिंह, ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार राहुल राठी व एक अन्य फर्जी ग्राहक बनाकर पंजाब के बाजाखाना में वीरपाल कौर उर्फ कुलवंत कौर के पास पहुंचे। जिसने डिकोय ग्राहक से 35 हजार रुपये लिए। इसके बाद वह डिकोय को लेकर मोगा में रानी उर्फ रमा के घर गई। जहां वीरपाल कौर को 32,500 रुपये दिये, उनमें से आरोपित रानी से 25 हजार रुपये ले लिए। गर्भवती डिकोय को मोगा के मित्तल लैब से टेस्ट करवाने को कहा। वहां उसका अल्ट्रासांउड करवाया, जिसके बाद रानी ने उसे बताया कि उसके गर्भ में लड़का है। जब डिकोय वापस टीम के पास पहुंची तो इशारा मिलने के बाद टीम ने वीरपाल कौर को काबू कर लिया जबकि रानी मौके से फरार हो गई। वीरपाल कौर से 7500 रुपये बरामद किए हैं। वहीं, मित्तल लैब के सेल्स काउंटर में से 500 रुपये बरामद किए है।
एक सप्ताह में दूसरी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग सिरसा की गर्भस्थ भ्रूण की लिंग जांच करने वाले गिरोह के खिलाफ एक सप्ताह में यह दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले बीती पांच जुलाई को सिरसा व फतेहाबाद की टीम ने मिलकर पंजाब के मलेर कोटला के बासोड़ में दबिश दी थी जहां से रतिया निवासी एक महिला को काबू किया था। आरोपित महिला के कब्जे से पुलिस ने 27000 बरामद किए थे।