जिले के प्रॉपर्टी व्यापारियों व डीलरों ने कलेक्टर रेट कम करने और पंजीकृत कॉलोनियों से एनओसी की शर्त हटाने की मांग को लेकर आज उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने व्यापारियों को भरोसा दिया कि जल्द ही इस उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपते समय व्यापारियों ने उपायुक्त से कहा कि सिरसा नगर परिषद की सीमा में 34 कॉलोनियां एप्रूव्ड है। यहां शहर की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी रहती है।
इन कॉलोनियों में नप ने हर प्रकार की सुविधाएं दे रखी हैं। नप द्वारा यहां रहने वालों से हाउस टैक्स वसूला जाता है। जिला नगर योजनाकार द्वारा पिछले एक साल से एप्रूव्ड कॉलोनियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य किया हुआ है।
एनओसी देने के लिए नगर परिषद द्वारा 200 रुपये प्रति वर्गगज की दर से डेवलपमेेंट चार्ज वसूला जा रहा है। उक्त एप्रूव्ड कॉलोनियों की सभी रजिस्ट्रियां व लीज बिना एनओसी के सिरसा में पंजीकृत नहीं की जाती हैं जबकि हरियाणा के दूसरे जिलों में एप्रूव्ड कॉलोनियों के लिए एनओसी लेना अनिवार्य नहीं है।
रजिस्ट्रियां पंजीकृत न होने के कारण सरकार को भी राजस्व का काफी नुकसान हो रहा है। पिछले तीन सालों में काफी मंदी आ गई है जिससे प्रॉपर्टी के रेट काफी गिर गए हैं जबकि प्रशासन ने कलेक्टर रेट तीन गुना बढ़ा दिए हैं।
कृषि भूमि के कलेक्टर रेट असल रेटों से काफी अधिक हैं। शहर के काफी लोग तो अपने प्लॉट को वापस हुडा को सरेंडर कर चुके हैं।
प्रॉपर्टी व्यापारियों ने उपायुक्त से गुहार लगाई है कि शहर के अंदर एप्रूव्ड कॉलोनियों पर जिला नगर योजनाकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की अनिवार्यता समाप्त की जाए और एप्रूव्ड कॉलोनियों पर जो नगर परिषद द्वारा 200 रुपये प्रतिगज का डेवलपमेंट चार्ज वसूल किया जा रहा है उसे खत्म किया जाए।
इस मौके पर अनिल सर्राफ, पवन जुईवाला, दीपक माहेश्वरी, राजकुमार सिंगला, सूरज गांधी, अशोक खदरिया, संदीप अहूजा, राजेश फुटेला, मंगत तिवाड़ी, विष्णु सिंगला, रिंकू मेहता, मोहन कश्यप, दवेंद्र मोंगा,बीटू नागपाल, राजेेश बंसल, तरुण मेहता, जसवंत, गोपाल, विजय सिंगला, सुशील गुलाटी, प्रेम सहित अनेक प्रॉपर्टी व्यापारी मौजूद थे।