फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेरे पर शिकंजा : जांच में सहयोग नहीं कर रहा पीआर नैन, साढ़े चार घंटे तक गोलमोल जवाब देकर घुमाता रहा, अब दोबारा होगी पूछताछ

विज्ञापन
डेरा में जांच करने के बाद वापस लौटती टीम। - फोटो : Sirsa
विज्ञापन
सिरसा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में जांच करने के लिए शुक्रवार को एसआईटी सिरसा पहुंची और डेरे में दस्तक दी। जहां एक ओर चेयरपर्सन बिपासना नहीं मिली वहीं दूसरी ओर वाइस चेयरमैन पीआर नैन जांच में शामिल हुए। लेकिन नैन ने भी जांच में संतोषजनक सहयोग नहीं किया। बीमारी का हवाला देते हुए तबीयत खराब होने की बात कही और सवालों के गोल मोल अस्पष्ट जवाब देते रहे। साढ़े 4 घंटे में करीब 75 सवालों के जवाब देने के बाद बातचीत करने से इनकार कर दिया। अब एसआईटी ने नैन को 48 घंटे समय देते हुए जवाब देने को कहा है। एसआईटी इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट को करेगी।
विज्ञापन

शुक्रवार सुबह 11 बजे एसआईटी डेरे में पहुंची। एसआईटी इंचार्ज लुधियाना रेंज के आईजी एसपीएस परमार, बटाला के एसपी मुखविंदर सिंह भुल्लर सहित करीब 23 सदस्यों ने दबिश दी। इस दौरान सिरसा एसपी डॉ. अर्पित जैन, डीएसपी संजय बिश्नोई सहित अन्य लोकल पुलिस अधिकारी भी साथ थे। एसआईटी को डेरा चेयरपर्सन बिपासना इंसा नहीं मिली। जबकि वाइस चेयरमैन डॉ. पीआर नैन मिले। वे जांच में शामिल भी हुए। इस दौरान डेरा के वकील केवल सिंह बराड़ भी साथ बैठे थे। बंद कमरे में करीब साढ़े 4 घंटे तक डॉ. नैन से पूछताछ चली। पूछताछ के लिए एसआईटी के अधिकारी 200 से ज्यादा प्रश्नों की सूची बनाकर लाए थे। सूत्र बताते हैं कि डॉ. नैन एसआईटी के सवालों का गोलमोल जवाब ही देते रहे और बातों को घुमाते रहे। करीब 75 सवाल पूछने तक डॉ. नैन हांफ गए और उन्होंने तबीयत खराब होने की बात कहते हुए बात में जांच करने की अधिकारियों से गुजारिश की। इसके बाद करीब 125 सवालों की सूची डॉ. नैन को सौंपी। साथ ही कुछ कागजात भी एसआईटी ने डॉ. नैन से मांगे। इसके लिए उन्हें 48 घंटे का समय दिया।
एसआईटी ने डेरा में चलाया सर्च ऑपरेशन, नहीं मिले
डेरा में एसआईटी ने शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन भी चलाया। इस दौरान इस मामले में भगोड़े चल रहे आरोपियों की तलाश की। कई जगह जांच की और निरीक्षण किया। लेकिन भगोड़े आरोपी कहीं पर भी नहीं मिले। इससे पहले भी 6 दिसंबर को एसआईटी ने डेरे में सर्च ऑपरेशन चलाया था।
विज्ञापन

ये है पूरा मामला
बुर्ज जवाहर सिंह वाला से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की चोरी का मामला 1 जुलाई 2015 को सामने आया। फरीदकोट जिले में बरगाड़ी से करीब 5 किलोमीटर दूर गांव बुर्ज जवाहर सिंहवाला के गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब का पावन स्वरूप चोरी हो गया था। इसके बाद 24 नवंबर 2015 को बरगाड़ी में गुरुद्वारे के पास हाथ से लिखे दो पोस्टर मिले। आरोप था कि पोस्टर में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और इस घटना में डेरा सच्चा सौदा सिरसा का हाथ था। 12 अक्तूबर 2015 को पावन स्वरूप के कुछ अंग बिखरे मिले थे। इसके बाद फायरिंग भी हुई और 14 अक्तूबर की घटना के दिन दो लोगों की मौत भी हुई। इससे पहले इस मामले में सीबीआई भी जांच कर रही है और अब एसआईटी जांच कर रही है।
शुक्रवार को डेरे में आकर जांच की और डॉ. पीआर नैन से पूछताछ की है। हम करीब 200 प्रश्न लेकर आए थे लेकिन लगभग 75 सवाल का ही जवाब दे पाए। इन सवालों का भी स्पष्ट जवाब हमें नहीं मिला। डॉ. नैन जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसलिए हमने करीब 125 प्रश्नों की सूची उन्हें सौंप दी है और कुछ कागजात भी मांगे हैं। इसके लिए डॉ. नैन को 48 घंटे का समय दिया गया है। हालांकि नैन सवालों का जवाब दे रहे हैं लेकिन वे मुद्दे की बात नहीं कर रहे हैं। अभी तक की जांच में उनके सहयोग और जवाब से हम संतुष्ट नहीं है। आगे भी यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिले तो दोबारा पूछताछ करेंगे। ये जांच हम हाईकोर्ट के निर्देश पर कर रहे हैं और 16 दिसंबर को फिर सुनवाई है। इसकी पूरी रिपोर्ट हम न्यायालय को देंगे।
-एसपीएस परमार, आईजी, इंचार्ज एसआईटी।
चेयरपर्सन बिपासना मेडिकल लीव पर है। इस मामले में एसआईटी को हम जांच में सहयोग कर रहे हैं। सभी आरोप बेबुनियाद हैं। इस मामले की सीबीआई जांच कर चुकी है और क्लीन चिट मिल चुकी है। डेरे के खिलाफ राजनीतिक साजिश हो रही है। सीबीआई जांच के बाद आगे जांच हो सकती है रि-इंवेस्टिगेशन नहीं हो सकती। ये जांच गलत साइड में जा रही है जो ठीक नहीं है।
-केवल सिंह बराड़, वकील, डेरा सच्चा सौदा, सिरसा।

डेरा में जांच करने आई टीम के इंचार्ज आईजी एसपीएस परमार और सिरसा एसपी डॉ. अर्पित जैन।- फोटो : Sirsa

डेरा में जांच करने पहुंची टीम का काफिला।- फोटो : Sirsa

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें