सिरसा। आधे से अधिक शिक्षा सत्र बीतने के बाद शुरू हुई नियम 134-ए के तहत दाखिला को लेकर रविवार को असेसमेंट परीक्षा हुई। शिक्षा विभाग ने आधी अधूरी तैयारियों के साथ टेस्ट लिया। जहां एक ओर विभाग विद्यार्थियों और अभिभावकों को पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करवा पाया, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में अव्यवस्था के कारण समस्या पैदा हुई। राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में अंधेरे में छोटे बच्चों को परीक्षा देनी पड़ी। सफाई का भी अभाव रहा और धूल से सने डेस्ट पर बैठकर परीक्षा दी।
रविवार को असेसमेंट परीक्षा के लिए 1528 विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे। रोल नंबर खोजने को लेकर विद्यार्थी परेशान होते रहे, अभिभावकों को बच्चों को कमरों तक छोड़कर आना पड़ा। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को जानकारी ना होने के चलते वह भी परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए। नियम 134ए की परीक्षा को सुचारू रूप से करवाने के लिए पुलिस भी केंद्रों पर नहीं पहुंची। नियम 134-ए के तहत होने वाले दाखिले को लेकर रविवार सुबह 11 बजे ही विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे। विद्यार्थियों को केंद्रों पर लगी सूची में रोल नंबर खोजने में परेशानी आई। तो वहीं अनाज मंडी के मॉडल संस्कृति स्कूल दूसरी से चौथी कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षा थी। अभिभावकों ने रोल नंबर खोज विद्यार्थियों को कमरों में पहुंचाया लेकिन कोई स्टाफ जानकारी देने के लिए उपस्थित नहीं था। कमरों में पहले विद्यार्थियों ने गंदे बैंचों को साफ किया और फिर अंधेरे कमरों में परीक्षा के लिए बैठे। परीक्षा शुरू हुई और विद्यार्थियों को दिए जाने वाले प्रश्न पत्र दो घंटे का समय लिखा हुआ मिला, जबकि निदेशालय के आदेशों के तहत परीक्षा 3 घंटे की थी। जिला शिक्षा विभाग की ओर से भी इसे स्पष्ट नहीं किया गया कि परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को कितना समय मिलेगा। बता दें कि परीक्षा के लिए 1649 विद्यार्थियों ने परीक्षा होनी थी, जिसमें से 1528 विद्यार्थी उपस्थित रहे जबकि 121 गैर हाजिर रहे। राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में बने परीक्षा केंद्र के अधीक्षक रितेंद पांडे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिन कमरों में अंधेरा है, वहां बल्ब लगवा देंगे। उन्होंने कहा कि किसी ने रात को छेड़छाड़ करके सारी व्यवस्था बिगाड़ दी है, अन्यथा हम रात को ही तैयारी करके गए थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पुलिस को भी पत्र लिखा गया था लेकिन बार-बार फोन करने के बावजूद पुलिस नहीं पहुंची।
सहायता के लिए नहीं था स्टाफ
परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने वाले विद्यार्थियों के रोल नंबर दीवारों पर चस्पा कर रखे थे। अभिभावक पंजीकरण नंबर से मिलाकर कमरा खोज रहे थे। लेकिन विद्यार्थियों की सहायता के लिए कोई भी स्टाफ मौके पर मौजूद नहीं था। अभिभावक खुद बच्चों को कमरों तक छोड़कर आ रहे थे। ऐसे ड्यूटी स्टाफ उन्हें स्कूल परिसर से बाहर जाने को कहा रहा था।
राजकीय स्कूल के विद्यार्थी भी पहुंचे परीक्षा देने
निदेशालय के आदेश थे कि राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को असेसमेंट परीक्षा नहीं देनी होगी। इन विद्यार्थियों को सीधा मेरिट सूची में शामिल किया जाएगा। साथ ही 11 विद्यार्थियों को 10वीं कक्षा के नंबरों के आधार पर मेरिट सूची में शामिल किया जाएगा। लेकिन इसके बावजूद जानकारी के अभाव में ये विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में परीक्षा में बैठने के लिए पहुंच गए।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
परीक्षा को नकल रहित करवाने व परीक्षा का सही से संचालन करवाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल ओढ़ा व राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया। वहीं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी द्वारा खंड सिरसा में बने तीनों परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
प्राइवेट स्कूल की छात्रा की नहीं हुई परीक्षा
छात्रा अर्किती ने 7वीं कक्षा के लिए असेसमेंट परीक्षा देनी थी। लेकिन परीक्षा केंद्र की सूची में उसका नाम ही नहीं था। अर्किती की माता उर्मिला ने रोल नंबर सूची में ना आने की जानकारी जब परीक्षा केंद्र में मौजूद स्टाफ से लेनी चाही तो बताया कि पोर्टल पर नो एग्जाम शो हो रहा है। जिसके कारण उसका रोल नंबर सूची में नाम नहीं आया।
वर्जन
असेसमेंट परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न करवाया गया है। जिसका परिणाम 10 दिसंबर को घोषित किया जाएगा।
-संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।