संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। महेंद्रगढ़ स्कूल बस हादसे के बाद प्रशासन ने सख्ती बरती तो निजी स्कूल संचालकों ने प्रशासन से सभी मानक पूरा करने के लिए समय लिया था। 26 अप्रैल तक प्रशासन ने उनको समय दिया और समयावधि बीतने के बाद निजी स्कूलों की बसों की फिटनेस जांच में भी तेजी आई है। रविवार को छुट्टी के दिन भी आरटीए विभाग द्वारा निजी स्कूलों की बसों की जांच की गई। इनमें से 10 बसें मानक पूरा नहीं पाई और उनको चेतावनी देकर वापस भेज दिया गया। इन बसों की बुधवार को फिटनेस जांच होगी और इसके बाद अगर बसें सभी मानक पूरा नहीं करती तो कार्रवाई संभव है।
सिरसा के हुडा सेक्टर में रविवार को भी निजी स्कूल बसों की जांच की गई। अवकाश दिवस होने के चलते रविवार को हुडा सेक्टर में आरटीए विभाग से जांच करवाने के लिए 36 स्कूली बसें पहुंचीं। आरटीए विभाग की ओर से बसों में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र, टूटे हुए बंपर, पेंट, बस पर स्कूल का नाम, जीपीएस, बस के इंजन, बस की उम्र, क्लच ब्रेक व रेडियम लाइटों तथा बस के आगे व पीछे स्कूल बस का स्लोगन आदि की जांच की गई। इस दौरान 10 स्कूली बसों में खामियां पाई गई और उनको लौटा दिया गया। 26 बसों को पास कर दिया गया।
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ये मिली कमियां
आरटीए विभाग द्वारा जिन बसों को रिजेक्ट किया है, उनमें जीपीएस का ना चलना और सीसीटीवी कैमरे मेन रहे। इसके अलावा कई बसों के टायर भी कंडम निकले। बसों में अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायर मिले। इन बसों को वापस भेजकर बुधवार तक सभी खामियों को पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
दो दिनों में फिटनेस जांच के लिए आईं 64 बसें
हुडा सेक्टर में आरटीए विभाग से फिटनेस जांच के लिए शनिवार व रविवार को 64 निजी स्कूलों की बसें आ चुकी हैं। इनमें 16 निजी स्कूलों की बसें किसी भी मानक पर खरा नहीं उतरी हैं और उनको वापस भेजा गया है। इन बस संचालकों को सख्ती से आदेश दिए गए हैं कि बुधवार तक वह सभी मानक पूरा कर लें, अन्यथा कार्रवाई होगी।
रविवार को हुडा सेक्टर में 36 निजी स्कूलों की बसें जांच के लिए आई थी। 10 बसों में खामियां पाई गई हैं और वह विभागीय मानकों को पूरा नहीं कर रही थी। इन बसों को वापस भेज दिया गया है। - सुरेंद्र कुूमार, डीलिंग हैंड, आरटीए सिरसा।