संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर इन दिनों नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। चार माह पहले स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर-2 का पुनर्निर्माण किया गया था। रेलवे स्टेशन पर अधिकतर ट्रेनें एक नंबर प्लेटफार्म पर आती हैं, लेकिन जब ट्रेन प्लेटफार्म नंबर-2 पर आती है तो यात्रियों में हड़बड़ाहट बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रेन में चढ़ने के चक्कर में यात्री चोटिल हो जाते हैं। रेलवे की ओर से प्लेटफार्म नंबर-1 से फुट ओवरब्रिज बनाया गया है, लेकिन यह अभी दूसरे प्लेटफार्म से जुड़ा नहीं है। ऐसे में यात्री एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाने के लिए रेलवे लाइनों को पार कर रहे हैं जो जोखिम भरा है।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर ट्रेनों की स्थिति बताने के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। कई बार यात्री प्लेटफार्म नंबर -2 पर होता है। उसे अनाउंसमेंट तक नहीं सुनती कि ट्रेन किसी प्लेटफार्म पर आएगी। रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के चलते लोगों को टिकट खिड़की का भी पता नहीं चल पाता है। इसके अलावा स्टेशन के अंदर आने के दो से तीन रास्ते हैं। इस कारण यात्री को प्लेटफार्म एक पर जाना होता है तो वह दूसरे पर पहुंच जाता है। संकेतक बोर्ड नहीं होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दैनिक यात्री रमेश कुमार, अशोक कुमार, दलीप शर्मा, हाेशियार सिंह ने बताया कि सिरसा से बठिंडा, जयपुर, कोटा व दिल्ली के लिए ट्रेन चलती हैं, जिसमें प्रतिदिन सैंकड़ों यात्री सफर करते हैं। इनमें कई यात्री छोटे स्टेशनों के भी होते हैं, लेकिन जब से रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण हुआ है, यहां पर कोई ऐसा संकेतक बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे यात्रियों को पता चल सके कि कौनसी ट्रेन कहां रुकने वाली है।
प्लेटफार्मों पर ट्रेनों में चढ़ने की गफलत यात्रियों में रहती हैं। उनको बार-बार समझाया जाता है कि वह किस प्लेटफार्म पर खड़े हों, इसके लिए रेलवे पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाती है। वे ट्रेन के बारे में जानकारी यात्रियों को देते हैं, फिर भी कई लोग भूलवश दूसरे प्लेटफार्म पर चले जाते हैं। ऐसे में कई बार लोग चोटिल हो चुके हैं। - राधेश्याम, द्वितीय इंचार्ज, राजकीय रेलवे पुलिस चौकी, सिरसा