गांव शेरगढ़ स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम में हुई गेहूं की लूट के मामले को शहर थाना पुलिस ने सीआईए डबवाली के सहयोग से सुलझा लिया है। पुलिस ने चावल और गेहूं लूटने वाले गिरोह के पांच लोगों को काबू करके सोमवार को अदालत में पेश किया।
अदालत ने आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। 21 फरवरी 2014 की रात को गांव शेरगढ़ स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम में टाटा ऐस और पिकअप गाड़ी लेकर कुछ लोग घुसे थे। चौकीदारों को बंधक बनाकर गेहूं के 42 बैग लूटे गए थे।
गेहूं को आरोपी पिकअप और टाटा ऐस में भरकर फरार हो गए थे। 24 फरवरी 2014 को विभाग के निरीक्षक अरविंद पूनिया की शिकायत पर पुलिस ने दफा 392/394 के तहत मामला दर्ज किया था। शहर थाना पुलिस के एएसआई खुर्शीद और सीआईए डबवाली के एएसआई राकेश कुमार संयुक्त रूप से मामले को देख रहे थे।
रविवार शाम को लूट की गुत्थी सुलझाते हुए साइबर सेल के सहयोग से पुलिस ने गांव माड़ी मुस्तबा (बाघा पुराना) निवासी सतनाम, गुरदेव, गांव सैदोके (थाना निहालसिंह वाला) निवासी छिंदर सिंह, दरबारा सिंह (सभी जिला मोगा, पंजाब के) और गांव घाडू (हनुमानगढ़, राजस्थान) निवासी राजू को जिला बठिंडा की गोनियाना मंडी के नजदीक पिकअप सहित धर दबोचा।
सोमवार को पुलिस ने आरोपियों को उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी परवेश सिंगला की अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं।
आरोपी हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में लूटते थे अनाज
अनाज के गोदाम और चावल के शेलर होते थे गिरोह के मुख्य टारगेट
रेकी करके करते थे लूट, इसके बाद छोटी गाड़ियों में बेच देते थे मंडी में