करोड़ों के टेंडर के बावजूद हालात जस के तस, जगह-जगह टूटे रास्ते बन रहे हादसों का कारण
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बारिश का मौसम शुरू होते ही शहर की सड़कों की बदहाल तस्वीरें सामने आने लगी हैं। जगह-जगह सड़कें टूट चुकी हैं। गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन इन सड़कों की सुध लेने को तैयार नजर नहीं आ रहा।
खास बात यह है कि सड़कों की मरम्मत और गड्ढे भरने के नाम पर लाखों रुपये के टेंडर जारी किए गए हैं। इसके बावजूद शहरवासियों को टूटीं सड़कों से राहत नहीं मिल पा रही है। नगर परिषद की ओर से वार्डों के अनुरूप गड्ढे भरने के लिए करीब दो करोड़ रुपये के टेंडर दिए गए हैं।
इसके अलावा म्हारी सड़क एप के माध्यम से आने वाली सड़क संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए भी करीब 48 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कें टूटी हुई हैं। कई स्थानों पर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं जिनमें बारिश का पानी भरने के बाद उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है।
शिकायतों के बाद भी नहीं हो रहा स्थायी समाधान शहरवासी राजेश कुमार, अमित कुमार, मोहित कुमार आदि ने कहा कि सड़क टूटने या गड्ढा होने की शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद कई स्थानों पर समय पर कार्रवाई नहीं होती।
लोगों का कहना है कि गड्ढों में मिट्टी या मलबा डालकर खानापूर्ति कर दी जाती है तो कहीं पैचवर्क के नाम पर ऐसा काम किया जाता है जो बारिश के कुछ दिनों बाद ही उखड़ जाता है। इससे सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क की स्थिति दोबारा पहले जैसी हो जाती है।
वाहन चालकों के लिए आफत बने गड्ढे
बारिश के दौरान टूटीं सड़कों और गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है। पानी से भरे गड्ढों में वाहन फंसने और अचानक संतुलन बिगड़ने से हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे में शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सभी सड़कों का सर्वे करवाकर तत्काल मरम्मत कराई जाए और गड्ढे भरने के नाम पर किए जा रहे कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
कोट्स
बारिश के कारण जहां-जहां पर सड़कें टूटी हैं या गड्ढे हो गए हैं। उन सभी को दुरुस्त करवाया जाएगा।
-सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद।
कोट्स
गड्ढों को भरने के लिए एजेंसियों को टेंडर दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश देकर सभी सड़कों को दुरुस्त करवाया जाएगा।
-वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।