संवाद न्यूज एजेंसी
ओढ़ां। नए ई-खरीद सिस्टम ने किसानों को परेशान कर रखा है। मंडियों के बाहर किसानों को ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर घंटों तक खड़ा रहना पड़ रहा है। सोमवार को पोर्टल ठप होने के चलते सभी मंडियों के बाहर ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। परेशान किसान व्यवस्था को लेकर सरकार को कोसते रहे।
ई-खरीद पोर्टल सुबह 10:30 बजे बंद हो गया। इसके 30 मिनट बाद फिर से बंद हो गया और फिर चल गया। पूरा दिन कभी बंद तो कभी चालू। सुबह से लेकर शाम तक यही सिलसिला चलता है। इसके कारण अनाज मंडी के बाहर मंडी के गेट से लेकर बस अड्डे तक लंबी लाइनें लग गईं।
किसान नेता गुरदास सिंह लक्कड़ांवाली ने मंडी में पहुंचकर किसानों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ रोष जताया और प्रदर्शन किया। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने फसल बेचने की प्रक्रिया को आसान करने बजाय और जटिल बना दिया है। इसके चलते एक अनपढ़ किसान तो अपनी गेहूं बेच ही नहीं पाता।
मंडी कालांवाली में परेशान किसान डबवाली रोड पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। किसानों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी की। इसके बाद आदेश जारी किए गए कि किसानों को ऑफलाइन प्रक्रिया द्वारा गेट पास देकर एंट्री दे दी जाए।
वर्जन
तकनीकी खराबी की वजह से पोर्टल बंद होने से गेट पास प्रक्रिया बंद हो गई। इससे किसानों को परेशानी तो आई। हम स्वयं भी काफी परेशान हो गए। ऑफलाइन के आदेश आने के बाद सभी ट्रैक्टर-ट्रालियों की अंदर एंट्री करवा दी गई।
- बलजीत सिंह, मंडी सुपरवाइजर