डबवाली। नेशनल हाईवे अथॉरिटी और टोल प्लाजा कंपनी की ओर से भारत माला फोरलेन पर अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को किसानों ने चौटाला टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन किया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया।
धरने की सूचना मिलने के बाद टोल प्लाजा कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यवस्था में सुधार के लिए किसानों से पांच दिन का समय मांगा। एनएचएआई को 15 दिन का समय दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि निर्धारित समय में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सह-समन्वयक राकेश फगोडिया ने कहा कि टोल प्लाजा कंपनी न तो वाहन चालकों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करा रही है और न ही कर्मचारियों की भलाई के लिए कोई कदम उठा रही है। उन्होंने चेताया कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
यह हैं किसानों की मांगें :
- चौटाला,अबूबशहर, शेरगढ़ अलीकां, डबवाली, जोगेवाला सहित सभी टोल प्लाजा की लाइनें तुरंत शुरू की जाएं।
- शेरगढ़ टोल प्लाजा पर गैर कानूनी ढंग से चल रही पार्किंग बंद की जाए।
-भारत माला हाईवे पर बने यू टर्न कटों को खोल कर आमजन को राहत दी जाए।
-सर्विस लेन से गुजरने वाले वाहनों को जो फास्ट टैग उठाए जाते हैं उन पर तत्तकाल रोक लगाई जाए।
-भारत माला के साथ लगते सभी गांवों को टोल फ्री किया जाए।
-भारत माला रोड टोल नगराना से लेकर चौटाला से 10 किलो मीटर की सभी लाइटों को सुचारू रूप से चालू किया जाए।
-किसानों के सभी ट्रैक्टर , कंबाइन व अन्य कृषि यंत्रों को टोल फ्री किया जाए।
-भारत माला पर जगह-जगह हो रहे गड्ढों को तुरंत प्रभाव से समय रहते भरें जाएं।
टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों की प्रमुख मांगे
- पंजाब की तर्ज पर सभी कर्मचारियों को 25 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जाए। प्रति माह समय पर वेतन दिया जाए।
-सभी कर्मचारियों की टोल प्लाजा पर एक सामान डयूटी तय हो।
- सभी कर्मचारियों की नजदीकी टोल पर ही डयूटी लगाई जाए।
- सभी टोल बूथों पर सर्दी में हीटर व गरमी में एसी की व्यवस्था की जाए, टूटी कुर्सियों को बदला जाए।
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किसानों का मानसिक और आर्थिक शोषण करने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन ढकोदां के नेता गुरदीप सिंह खुडिया, हरविंदर सिंह और खेत मजदूर यूनियन के अध्यक्ष जगजीत सिंह जग्गी ने कहा कि सरकारी विभाग और निजी कंपनियां किसानों का मानसिक व आर्थिक शोषण कर रही हैं। उन्होंने किसानों को एकजुट होकर अपनी लड़ाई स्वयं लड़ने की अपील की।