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80 हजार को बांटे पॉपर्टी टैक्स सर्वे मुल्यांकन नोटिस, 40 हजार ने गलत ठहरा सर्वे रदद करने और कंपनी पर एफआईआर दर्ज करने की उठाई मा

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नेहरू पार्क में आयोजित नागरिक पंचायत में मौजूद पदाधिकारी व शहरवासी। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। नगर परिषद की ओर से शहर में करवाए गए प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में भारी गलतियां होने की शिकायत पर शहर वासियों ने नप से सर्वे दोबारा से करवाने की मांग उठाई है। वहीं ड्रोन से प्रॉपर्टी सर्वे करने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर और उसे ब्लैक लिस्ट किए जाने की भी मांग उठाई जा रही है। कंपनी की ओर से अब तक करीब 80 हजार घरों में सर्वे के मूल्यांकन नोटिस बांटे गए हैं। जिसमें 40 हजार के करीब लोगों ने इसे गलत बताया है। दोबारा सर्वे करवाने की मांग को लेकर अब शहर वासी नौ मार्च को शहर में प्रदर्शन कर उपायुक्त से मिलेंगे।
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वहीं इसी मांग को लेकर रविवार को नेहरू पार्क में आयोजित हुई नागरिक पंचायत में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व शहरवासी शामिल हुए। नागरिक पंचायत में सर्वे में आई कमियों को दूर करवाने में नगर परिषद की ओर से सुविधा शुल्क वसूलकर शहरवासियों को आर्थिक व मानसिक रूप परेशान करने के आरोप लगाए हैं। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि याशी कंपनी द्वारा शहर में अलग-अलग वार्डों में जाकर ड्रोन की मदद से सर्वे किया गया। ड्रोन से किए गए सर्वे में बहुत कमियां पाई गई है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर तो नोटिस भी गलत वितरित किए गए हैं। नागरिक पंचायत को सुरेंद्र जैन, मनोहरलाल मेहता, महावीर शर्मा, हीरालाल शर्मा, प्रदीप सचदेवा, हरीश मेहता गोलू ने संबोधित किया।
नागरिक पंचायत में सभी के सुझाव सुनने के बाद निर्णय लिया गया कि याशी कंपनी द्वारा किया गए प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे को रद्द कर कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर उस पर एफआईआर दर्ज की जाए। इसके अलावा कंपनी द्वारा शहरवासियों से वसूली गई राशि को भी वापस किया जाए। इस संबंध में सिरसा विकास मिशन की ओर से 9 मार्च को भगत सिंह स्टेडियम से इकट्ठे होकर लघु सचिवालय तक प्रदर्शन करने का फैसला लिया। नागरिक पंचायत को संबोधित करते हुए सुरेंद्र जैन ने कहा कि जल्दबाजी में काम जल्दी करवाने की एवज में पैसे देने की प्रथा को बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में कोई व्यक्ति नहीं बल्कि पूूरे शहरवासी परेशान हैं। सिरसा विकास मिशन की नागरिक पंचायत में प्रॉपर्टी डीलर्स एसोसिएशन, व्यापार मंडल, आढ़ती एसोसिएशन सहित अनेक संगठनों से जुड़े हुए पदाधिकारी शामिल हुए।
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पहले सूचना देकर वार्ड में कैंप लगाकर हो सर्वे
सिरसा विकास मिशन की ओर से करवाई गई नागरिक पंचायत में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे को रद्द कर दोबारा सर्वे करवाने का सुझाव दिया गया, जिस मौजूद सभी शहरवासियों ने हाथ उठाकर समर्थन दिया। नगर परिषद द्वारा दोबारा करवाए जाने वाले प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे के लिए नप के कर्मचारी वार्डों में जाकर कैंप लगाकर उसके बाद नोटिस जारी करें, ताकि कमियां रहने का कोई विकल्प ही न रहे। इसके अलावा जिस वार्ड में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे कैंप लगाया जाए, उस वार्ड के नागरिकों दो दिन पूर्व नगर परिषद द्वारा जानकारी दी जाए। ताकि सर्वे के लिए वार्डवासी जरूरी कागजात पहले ही पूरा कर लें।
नोटिस में आई कमी दूर करवाने पर सुविधा शुल्क वसूलने का लगा आरोप
याशी कंपनी द्वारा शहर के वार्डों में न जाकर ड्रोन की मदद से प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे किया गया। इस सर्वे में भारी त्रुटियां कंपनी द्वारा की गई हैं। सर्वे नोटिस को दुरुस्त करवाने के लिए नगर परिषद में जाने वाले शहरवासियों से सुविधा शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है।
वर्जन
सर्वे में हुई गड़बड़ी के चलते मकान मालिक को किरायेदार तो किरायेदार को मकान मालिक बना दिया गया है। कुछ मकानों की जगह कम हैं, जिन्हें ज्यादा लिखा गया है। वहीं रिहायशी एरिया को भी कॉमर्शियल बताया गया है। जिसके कारण उन्हें अधिक टैक्स देने को मजबूर होना पड़ेगा।
- महावीर शर्मा, समाजसेवी
प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में जिनका नाम रजिस्ट्री में है वहां किसी दूसरे का नाम अंकित कर दिया गया है। इसके अलावा सर्वे मूल्यांकन नोटिस सही पते की जगह गलत पते पर वितरित किए जा रहे हैं।
- मनोहर मेहता, पूर्व पार्षद
महिलाओं के नाम जो मकान है, उनमें किसी अन्य को उसका मालिक बताया गया है। नोटिस में पते की जगह मोबाइल नंबर भी गलत लिखा गया है।
- हरीश मेहता गोलू, शहरवासी
अनेक स्थानों पर तो जिनके मकान का साइज कम है उसे अधिक कर दिया गया है जबकि जिन लोगों के अधिक साइज वाले मकान उन्हें कम साइज दर्शाया गया है। अब लोग नगर परिषद के चक्कर काटकर त्रुटियां दूर करवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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-हीरालाल शर्मा, जिलाध्यक्ष हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल
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