राशन वितरित करती जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दर्शना सिंह
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सिरसा। लघु सचिवालय के बाहर मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स का कई दिनों से धरना चल रहा है। ऐसे में कार्यक्रम अधिकारी खुद गांव व कस्बों में जाकर जरूरतमंदों को राशन बांटने में लग गई। जिससे धरनारत वर्कर्स में काफी रोष है। इसी के चलते मंगलवार को उक्त अधिकारी के खिलाफ रोष जताते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।
पिछले काफी समय से आंगनबाड़ी वर्कर्स मांगों केे लेकर हड़ताल पर है। अपनी मांगों के समर्थन में वे हर रोज रोष प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में वर्कर्स द्वारा बांटे जाने वाली सामग्री बांटने के लिए कार्यक्रम अधिकारी खुद आगे आईं हैं। उन्होंने और चत्तरगढ़पट्टी, ऐलनाबाद गुड़िया खेड़ा सहित अनेक गांव व कस्बों की आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को खाद्य सामग्री बांटी। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दर्शना सिंह ने बताया कि हर जरूरतमंद बच्चे तथा गर्भवती महिला की जानकारी हमारे पास है। बकायदा उनके नाम, पता व संपर्क नंबर मौजूद है। इसलिए गलती की कहीं कोई गुंजाइश भी नहीं हो सकती। उन्होंने प्रदर्शनकारी वर्कर्स के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कुछ जगहों पर विरोध जताकर उनके कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया है। लेकिन इसके बावजूद हम अपने कार्य में लगे हुए हैं। हालांकि इस दौरान थोड़ा समय तो अधिक लगता ही है, लेकिन गलत जगह व गलत लोगों को कहीं भी राशन वितरण नहीं किया जा रहा है।
वर्कर्स ने कार्यक्रम अधिकारी का जताया विरोध
कार्यक्रम अधिकारी की ओर से खुद जाकर जरूरत मंदों को राशन वितरण करने के कार्य का धरनारत वर्कर्स ने कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को लघु सचिवालय के बाहर धरनारत वर्कर्स का आरोप है कि कार्यक्रम अधिकारी राशन बांटने के दौरान लोगों को गुमराह कर रही है व गंभीर आरोप लगा रही है जो उचित नहीं है। इस दौरान यूनियन की जिला सचिव प्रमिला चौधरी व कार्यकारिणी शकुंतला जागलान ने कहा की कार्यक्रम अधिकारी जो खुद कॉलोनियों व गांव में जाकर राशन बांट रही है उन्हें तो यह भी ज्ञात नहीं की कहा व किस किस को राशन बांटना है। जिस कार्य को करने में दो से तीन दिन लगते हैं उसे कार्यक्रम अधिकारी द्वारा सिर्फ 2 घंटे में पूरा कर लिया जाता है। जो कि सरासर झूठ है। उन्होंने बताया कि ये केवल वर्कर्स को ही अच्छी तरह पता होता है कि 0-3 व 3 से 6 साल के बच्चों को अलग-अलग सामग्री दी जाती है। यहां तक की गर्भवती महिला को दी जाने वाले पौष्टिक आहार भी देना होता है जिसकी संपूर्ण जानकारी केवल वर्कर्स को ही पता होती है। उन्होंने कहा कि इसी बात को लेकर उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा और उक्त कार्यक्रम अधिकारी के खिलाफ ज्ञापन दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला उपप्रधान सरला देवी व ब्लाक सचिव आशा रानी सहित अनेक वर्कर्स मौजूद रहीं।
लघु सचिवालय स्थित धरना स्थल पर धरना देकर बैठी आंगनबाड़ी वर्कर्स- फोटो : Sirsa