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Sirsa News: पुलिस को विवि की जांच रिपोर्ट का इंतजार, दो सप्ताह बाद भी नहीं सामने आई फर्जी डिग्री मामले की हकीकत

Sat, 28 Dec 2024 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सीएम फ्लाइंग की टीम दस्तावेजों की जांच करते हुए। फाइल फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। निजी इंस्टीट्यूट से बरामद 11 राज्यों के विश्वविद्यालयों के प्रमाणपत्र और डिग्री के मामले की हकीकत दो सप्ताह बाद भी सामने नहीं आई है। पुलिस ने बरामद प्रमाणपत्र और डिग्रियों को विश्वविद्यालयों के पास जांच के लिए भेजा है। इसकी रिपोर्ट में दस्तावेज का सत्यापन होगा कि यह फर्जी हैं या नहीं। इसकी रिपोर्ट आने तक यह मामला ठंडे बस्ते में है। वहीं पुलिस अब तक इंस्टीट्यूट संचालक तक को भी नहीं पकड़ पाई है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की कार्रवाई के दौरान सीडीएलयू में एमए राजनीतिक विज्ञान के छात्र मुकेश कुमार नाम सामने आया था। इस मामले में विवि प्रशासन ने जांच की तो इस नाम के किसी भी छात्र का दाखिला संबंधित विभाग में नहीं मिला। इसके बाद विवि प्रशासन ने जांच बंद कर दी। ऐसे में अब पुलिस को अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों से मिलने वाले पत्र के आधार पर ही जांच आगे बढ़ानी होगी।
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यह है विश्वविद्यालय का नियम
सभी विश्वविद्यालयों का नियम होता है कि जब कोई छात्र दाखिला के लिए अपने दस्तावेज जमा करवाएगा, तो विवि प्रशासन उन दस्तावेजों का सत्यापन करवाता है, ताकि कोई फर्जी दस्तावेजों पर प्रवेश न ले सके। इस कारण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिला लेने का मामला सीडीएलयू में नहीं मिला है।

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मुहर बनाने का भी है नियम
किसी भी संस्था या विश्वविद्यालय की मुहर बनाने का नियम होता है। मुहर बनाने से पहले उस संस्था या विश्वविद्यालय के लेटर हेड पर अनुमति पत्र दिया जाता है। हालांकि दिल्ली जैसे शहरों में इन दस्तावेजों की जरूरत नहीं होती है। वहां पर आसानी से मुहर बन जाती है। गलत दस्तावेज बनाने वाले लोग इसका दुरुपयोग कर लेते हैं।
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यह है मामला
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने दो सप्ताह पहले श्री सांई इंस्टीट्यूट पर छापा मारा था। इस दौरान इंस्टीट्यूट से राजस्थान, जम्मू कश्मीर, नई दिल्ली व हरियाणा सहित कई अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों के नाम से 150 डिग्री और प्रमाणपत्र बरामद हुए थे। कई आधार कार्ड भी मिले थे। इस दौरान उड़नदस्ते को आठ विश्वविद्यालयों की मुहर भी मिली थी। इस आधार पर शहर थाना पुलिस को मामले की जांच सौंपी गई थी।

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इन विश्वविद्यालय की मिली थीं मुहर और डिग्रियां
छापे के दौरान इंस्टीट्यूट से हरियाणा, हिमाचल, राजस्थान, पंजाब, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालयों की यूजी, पीजी की डिग्रियां और अन्य कोर्सों के डिप्लोमा बरामद हुए थे। इनमें अरनी विश्वविद्यालय कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश, श्री कौशल दास विश्वविद्यालय हनुमानगढ़, मेवाड़ विश्वविद्यालय राजस्थान, पैरामेडिकल काउंसिल मोहाली पंजाब, मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़ उत्तर प्रदेश, राजीव गांधी मैनेजमेंट संस्थान दिल्ली शामिल थे। आठ विश्वविद्यालयों की मुहर भी बरामद हुई थी।
:::::::::::दो कोट:::::::::::::::
फर्जी दस्तावेज के आधार पर सीडीएलयू के एमएम राजनीतिक विज्ञान विभाग में मुकेश कुमार नाम छात्र के दाखिला लेने की सूचना आई थी। हमने इसकी जांच करवाई तो पता चला कि इस नाम के किसी छात्र का दाखिला नहीं हुआ है। हमारे विश्वविद्यालय का नियम है कि दाखिले के साथ ही दस्तावेजों की जांच करवाई जाती है। - डाॅ. राजेश बंसल, कुलसचिव, सीडीएलयू, सिरसा।
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निजी इंस्टीट्यूट से बरामद प्रमाणपत्र और डिग्रियां सत्यापन के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों को भेजी गईं हैं। विवि प्रशासन हमें दस्तावेजों की जांच कर वहां से जारी होने या न होने की रिपोर्ट देगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जल्द ही इंस्टीट्यूट के मालिक को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। - सत्यावान, शहर थाना प्रभारी, सिरसा।
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