सिरसा। जिले के गांव शाहपुरिया के राजकीय विद्यालय के अनुसूचित जाति के नाबालिग छात्र को परीक्षा में न बैठने की धमकी मामले में पुलिस अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। परिवार के गांव से पलायन के बाद न्यायालय ने संज्ञान लिया, तो सुरक्षा उपलब्ध करवाई। अब न्यायालय ने सुरक्षा अवधि बढ़ा दी है। परीक्षा खत्म होने पर छात्र पुलिस सुरक्षा में रहेगा। पुलिस जांच का हवाला देकर समय व्यतीत कर रही है।
वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायधीश राजेश मल्होत्रा के न्यायालय में एक बार फिर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने छात्र को मिली सुरक्षा की समीक्षा की। साथ ही निर्देश दिए की परीक्षा खत्म होने तक छात्र को पुलिस सुरक्षा जारी रखी जाए। इस संबंध में न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को आदेश जारी कर दिए।
मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस
नाबालिग छात्र और उसके पिता की पिटाई करने वाले दबंग परिवार के खिलाफ पुलिस ने 25 मार्च को मामला दर्ज किया था, लेकिन अभी तक पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। चोपटा पुलिस केवल जांच करने का हवाला देकर समय व्यतीत कर रही है। हालांकि इसके बाद गांव में शांति कमेटी का भी गठन किया गया।
यह है पूरा मामला
गांव शाहपुरिया निवासी विजय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसके और उसके पुत्र की गांव के दबंग लोगों ने पिटाई की। इतना ही नहीं बेटे को परीक्षा में न बैठने देने की धमकी दी। स्कूल के प्रिंसिपल ने नाम भी काट दिया। ऐसे में पुलिस ने 25 मार्च को पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद भी दबंगों ने पीड़ित परिवार को एक बार फिर धमकी दी। ऐसे में पुलिस कार्रवाई न होने और दोबारा धमकी मिलने के बाद परिवार ने 30 मार्च को गांव से पलायन कर दिया। पीड़ित परिवार न्यायालय के समक्ष पेश हुआ तो न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाने के आदेश दिए, ताकि छात्र परीक्षा में बैठ सके। अब छात्र पुलिस सुरक्षा के बीच परीक्षाएं दे रहा है।