छात्राओं से छेड़छाड़ के मामलों को देखते हुए प्रशासन ने सभी विद्यालयों में पिंक बॉक्स लगाने के आदेश दिए थे। आदेशों के बाद विद्यालयों में अलग-अलग स्थानों पर पिंक बॉक्स भी लगवा दिए गए, लेकिन दो साल पश्चात अब कई स्कूलों में पिंक बॉक्स ही गायब हो चुके हैं। बता दें कि अमर उजाला टीम ने शनिवार को खैरपुर स्थित वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, अनाज मंडी स्थित मॉडल संस्कृति स्कूल और बेगू रोड स्थित कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहुंचकर मुआयना किया, लेकिन यहां पिंक बॉक्स नहीं लगे मिले।
वर्ष 2019 में पुलिस प्रशासन ने स्कूलों में छात्राओं के साथ छेड़छाड़, अश्लील फब्तियां जैसी घटनाएं रोकने के लिए पिंक बॉक्स योजना तैयार की थी। योजना के तहत पुलिस अधिकारियों ने स्कूलों में गुलाबी रंग के शिकायत बॉक्स लगवाए थे, जिनकी चाबियां स्थानीय थाना प्रभारी के पास थीं। इस बॉक्स में स्कूली छात्राएं अपनी शिकायत लिखकर डालती हैं और छात्रा का नाम गोपनीय रखा जाता है, लेकिन स्कूल प्रशासन इन आदेशों को भूल चुका है। जिले के स्कूलों में पिंक बॉक्स ही नहीं हैं, जहां छात्राएं अपनी शिकायत लिखकर डाल सकें।
इस बारे में छात्राओं ने बताया कि जब से हमने दाखिला लिया है, तब से यहां कोई शिकायत पेटिका नहीं है। पूछने पर छात्राओं ने बताया कि बहुत बार ऐसा होता है कि कुछ ऐसी समस्याएं होती हैं, जो हम अध्यापक के सामने जाकर नहीं बता सकतीं, लेकिन कोई ओर चारा न होने के कारण समस्याएं मन में ही दबाकर रखनी पड़ती हैं। इस संदर्भ में स्कूल अधिकारियों ने बताया कि पिंक बॉक्स में शिकायतें ही नहीं आती हैं। हमारे पास सीधे बच्चियां अपनी शिकायतें लेकर पहुंच जाती हैं, जिससे उनकी शिकायत का निवारण किया जाता है। जब उनसे कहा गया कि स्कूल में पिंक बॉक्स है ही नहीं तो उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से ही पिंक बॉक्स उतरवाया गए हैं, क्योंकि स्कूल में पेंट का काम चल रहा है।
वर्जन
छात्राओं की सुविधा के लिए पिंक बॉक्स लगवाए गए थे, लेकिन स्कूल में पेंट का कार्य चलने के दौरान उतरवाए गए थे। छात्राओं को किसी तरह की परेशानी होती है तो वे कार्यालय में पहुंचकर भी जानकारी दे देती हैं। उनकी शिकायत का निपटान किया जाता है।
- कुलदीप कौर, प्रिंसिपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
वर्जन
स्कूल में दो बॉक्स लगाए गए थे, जिनमें छात्राओं की समस्याएं आती थीं। उनमें से अभी एक एक्टिव है। दूसरा जल्द ही ओपन करवा दिया जाएगा।
- मदन मलिक, प्रिंसिपल मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल