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रिश्वत मामले में पकड़े पीएचसी इंचार्ज के बयान दर्ज करने की याचिका स्वीकार

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सिरसा। 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हुडा पीएचसी इंचार्ज डॉ. इंद्रजीत मामले में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत के लिए बयान दर्ज करने की अनुमति मिल गई है। हिसार रेंज डीएसपी द्वारा सत्र न्यायालय में पुनर्निरीक्षण याचिका लगाई गई थी। याचिका में कहा गया है कि शिकायतकर्ता के 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज करने जरूरी हैं। निचली कोर्ट ने ब्यूरो की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद ब्यूरो को अतिरिक्त सत्र न्यायालय का द्वार खटखटाना पड़ा। सत्र न्यायालय ने ब्यूरो की याचिका स्वीकार कर ली।
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न्यायालय ने ब्यूरो को निदेश दिए हैं कि स्टेटमेंट 164 सीआरपीएस नियमों के अनुसार दर्ज की जानी चाहिए। बता दें कि विजिलेंस ब्यूरो ने 18 नवंबर को हुडा पीएचसी इंचार्ज डॉ. इंद्रजीत को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया था। सिरसा के खैरपुर निवासी निखिल ने विदेश जाना था। उसे विदेश जाने के लिए कोविड-19 वैक्सीन लगवाने का प्रमाण पत्र जरूरी चाहिए था। निखिल कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए सेक्टर 20 हुडा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गया। सेंटर इंचार्ज डॉ. इंद्रजीत ने निखिल से कहा कि वैक्सीन की कमी है। आरोप है कि डॉक्टर ने उसे कहा कि टीकाकरण करवाने से उसे नुकसान होगा और मौत भी हो सकती है। निखिल का कहना है कि डॉक्टर ने उससे बिना टीकाकरण करवाए सर्टिफिकेट जारी करने के लिए 10 हजार रुपये मांगे। इसके बाद निखिल ने इसकी शिकायत स्टटे विजिलेंस ब्यूरो को कर दी। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए डॉ. इंद्रजीत को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
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