एक व्यक्ति की दान की गई आंखें दूसरे की जिंदगी में प्रकाश लाती है। वह उन आंखों से दुनिया देख सकता है। जिले में नेत्रदान को लेकर लोगों में जागरूकता आने लगी है। तीन वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो 275 नेत्रदान किए गए हैं। इन आंखों से आज देश के अलग अलग कोने में लोग अपने उज्जवल भविष्य के सपने देख रहे हैं।
वर्ष 2010 से 2019 तक जिले में नाम मात्र ही लोगों की ओर से नेत्रदान किए गए थे। विभाग व समाजिक संगठनों के प्रयासों से वर्ष 2021 के बाद लोगों की सोच में बढ़ा बदलाव देखने को मिला। वर्ष 2021 से अब तक 275 आंखें दान की गई है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो विभाग का लगातार नेत्रदान करने को लेकर जागरूक करना अहम रोल निभा रहा है।
इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले में दो नेत्रबैंक दान किए गए नेत्रों को जरूरतमंदों को मुहैया करवा रहे हैं। ऑपरेशन के बाद दृष्टिबाधित व्यक्ति को आंखें देकर उनका जीवन आसान कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का जिला नेत्रदान केंद्र भी मरणोपरांत दान की गई आंखों को नेत्र बैंक केंद्रों में पहुंचा रहा है। जिले में 2021 में 82, 2022 में 145 और 2023 में अब तक 48 आंखें लोगों ने दान की गई है।
इस वर्ष अब तक 395 लोगाें ने किया है रजिस्ट्रेशन
2023 में अब तक 395 लोगों ने नेत्रदान करने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। वहीं, नेत्रदान केंद्र की ओर से 2022 में सात कार्यक्रमों का ही आयोजन करवाया गया था, इस वर्ष 22 कार्यक्रमों करवाए जा चुके हैं। इससे जागरूक होकर कई लोग नेत्रदान करने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करवा रहे हैं। कार्यक्रम में लोगाें को आंखाें की देखरेख के उपाए बताए जा रहे हैं।
डेरा सच्चा सौदा आई बैंक और लायंस आई बैंक से ले सकते हैं आंखें
जिले में दो बड़े नेत्र बैंक काम कर रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा नेत्र बैंक और लायंस आई बैंक में दान की गई आंखों को पहुंचाया जाता है। यहां से जरूरतमंदों को आंखें मुहैया करवाई जाती हैं। जिले में अगर कोई भी व्यक्ति मरणोंपरांत अपनी आंखों को दान करने का इच्छुक हैं वह और उनके परिजन 108 पर कॉल कर जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भी दे सकते हैं।
जिले में अब नेत्रदान के लिए लोग जागरूक हो रहे हैं। तीन वर्षों में 275 आंखें दान हुई हैं। इन्हें आई बैंक में पहुंचाया जाता है। लोग अपनी आंखों का ध्यान रखे। कोई व्यक्ति आंखों को दान करना चाहता है तो वह जिला नेत्रदान केंद्र में पहुंच रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। इसके अलावा ऑनलाइन भी रजिस्ट्रेशन करवा सकता है।
- डॉ. राहुल, इंचार्ज, जिला नेत्रदान केंद्र, नागरिक अस्पताल सिरसा।