सिरसा। रात के तापमान में कमी आने लगी है। रात को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने वाले लोगों की परेशानी पहले से अधिक बढ़ गई है। ऐसे में मुसाफिरों को सुविधा देने के लिए नगर परिषद की ओर से अब रैन बसेरा के द्वार खोल दिए हैं और एक कर्मचारी को तैनात किया गया है। लेकिन रैन बसेरे की दूरी अधिक होने के कारण लोग दुकानों के बाहर, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर रात गुजार रहे हैं।
रात को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में आमजन की परेशानी भी बढ़ना शुरू हो चुकी है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर मुसाफिरों के ठहरने के लिए कोई सुविधा न होने के कारण मुसाफिरों को सर्द रात उन स्थानों पर ही गुजारनी पड़ रही है। शहर के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर मुसाफिरों को ठहराने के लिए कोई सुविधा नहीं है। जबकि प्रशासन की ओर से शहर के डीसी पार्क के नजदीक स्थित रैन बसेरा को खुलवाया गया है। वहीं एक कर्मचारी को भी नियुक्त किया गया है जोकि आने जाने वाले की रजिस्टर पर एंट्री दर्ज करवाएगा और देखरेख करेगा।
30 मुसाफिर ठहर सकते हैं
रैन बसेरे में मुसाफिरों के लिए बेड, गद्दे, रजाई, पेयजल, गर्म पानी, शौचालय, फ्रिज और अन्य सुविधाएं हैं। यहां पर मुसाफिर एक या दो रात ही गुजार सकता है। मुसाफिरों के लिए रात को रुकने के लिए अलग-अलग तीन कमरों में बेड लगाए गए हैं। महिलाओं और पुरुषों के ठहरने के लिए भी अलग-अलग कमरे हैं।
मरम्मत के लिए लगाया टेंडर
रैन बसेरा की देखरेख न हो पाने के कारण इसकी स्थिति अब खराब होना शुरू हो चुकी है। ऐसे में इसकी मरम्मत के लिए नगर परिषद ने टेंडर लगाया है। जल्द ही इसकी मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। रैन बसेरा में छोटे मोटे टूट फूट के कार्य को किया जाएगा ताकि मुसाफिरों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रैन बसेरा में मुसाफिरों को सुविधा देने के लिए खोल दिया गया है। प्रशासन की ओर से कर्मचारी भी तैनात किया गया है। मुसाफिरों के ठहरने के लिए हर प्रकार की सुविधा है। मरम्मत का कार्य करवाने के लिए भी टेंडर लगाया गया है।
-कौशल्या वर्मा, निवर्तमान पार्षद, वार्ड 13, सिरसा।
रैन बसेरा का खुला गेट।- फोटो : Sirsa