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हर रोज जल रहे धान के अवशेष, 323 पर पहुंचा एक्यूआई

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नागरिक अस्पताल में जांच करवाने के लिए लाइन में लगे मरीज - फोटो : Sirsa
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सिरसा। जिले में हर रोज धान के अवशेषों को आग के हवाले किया जा रहा है। जिससे उठा धुआं स्मॉग में बदल रहा है। उस स्मॉग के कारण सुबह के समय धुंध की स्थिति बनी हुई दिखाई देती है। स्मॉग के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह के समय दृश्यता भी 10 मीटर तक सिमट गई है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों का स्वास्थ्य भी तेजी से बिगड़ रहा है। जिसके चलते अस्पतालों में खांसी जुकाम, सिरदर्द और आंखों के मरीजों की ओपीडी भी 30 फीसदी बढ़ी है। जिले में अब एयर क्वालिटी इंडेक्स भी 323 पर पहुंच गया है।
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धान के अवशेषों को आग के हवाले किए जाने के कारण अब जिले का वायु प्रदूषण भी खतरनाक स्तर पर चल रहा है। जिसके कारण स्वस्थ लोग भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। धान के अवशेषों को आग के हवाले किए जाने को लेकर कृषि विभाग की ओर से हरसेक से जिले में नजर रखी जा रही है। कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए 104 किसानों के चालान भी किए गए हैं। हालांकि हरसेक की ओर से दी गई लोकेशन की संख्या 200 के लगभग है। अधिकारियों की ओर से इनका सर्वे किए जाने के बाद कई स्थानों की लोकेशन भी गलत पाई गई। वहीं पराली अवशेष प्रबंधन और उन्हें न जलाने को लेकर कृषि अधिकारियों की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी किसान धान के अवशेषों को आग के हवाले कर रहे हैं।
डेंगू के बाद अब सिरदर्द और जुकाम ने जकड़ा
एयर क्वालिटी इंडेेक्स तेजी से खराब होने के कारण अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी काफी प्रभाव पड़ रहा है। डेंगू के बाद अब लोग सिर में भारी पन, सिर दर्द, जुकाम और खांसी की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद मरीज इसकी जांच भी करवा रहे है। लेकिन जांच के बाद भी किसी भी तरह बीमारी नहीं सामने आ रही। मरीजों की ओर से एमआरआई और सीटी स्कैन भी करवाया जा रहा है लेकिन उसमें भी कुछ नहीं आ रहा। वहीं जिले में अब डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिले में शुक्रवार को 20 नए डेंगू के मरीज मिले हैं। जिले में अब तक 718 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।
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30 फीसदी बढ़ी मरीजों की संख्या
नागरिक अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार, सिरदर्द और छाती संबंधित हर रोज 50 के लगभग मरीज पहुंचते थे। लेकिन मौसम में बदलाव होने और पर्यावरण प्रदूषित होने के कारण अब मरीजों की संख्या इससे तीन गुना तक बढ़ गई है। 150 से अधिक मरीजों की हर रोज जांच की जा रही है। इसमें बच्चों की संख्या भी पहले के मुकाबले अधिक पाई जा रही है। जिनकी छाती जाम होने और सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या पाई जा रही है। जिसके बाद डॉक्टर मरीजों कम से कम घर से बाहर निकलने और ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दे रहे हैं।
शुक्रवार को 17 नए स्थानों पर आगजनी की मिली लोकेशन
एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब होने के कारण कृषि विभाग की ओर से हरसेक के माध्यम से जिलेभर में नजर रखी जा रही है। शुक्रवार को भी नए 17 स्थानों पर आगजनी की लोकेशन मिली है। कृषि विभाग की ओर से अब तक 104 किसानों पर धान के अवशेषों को आग लगाने के मामले में 2 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। ताकि वह धान के अवशेषों को आग के हवाले न करके उन्हें मिट्टी में मिला इसका समाधान कर सके।
धान के अवशेषों को आग के हवाले किए जाने के लेकर किसानों के चालान काटे जा रहे हैं। 104 किसानों के अब तक चालान काटे गए हैं और जुर्माना लगाया गया है। किसान कृषि उपकरणों का इस्तेमाल कर धान के अवशेषों को आग के हवाले करने की बजाये उसे मिट्टी में ही मिलाएं, ताकि जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहे और पर्यावरण भी प्रदूषित न हो।
-डॉ. बाबूलाल, कृषि उपनिदेशक, सिरसा
प्रदूषण के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खांसी, जुकाम, सिरदर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं। प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क पहनें और कम से कम घर से बाहर निकले। सर्दी के कारण भी मरीज इन बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं। सर्दी से भी लोग बचाव करें।
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-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा

सुबह के समय खेतों में छाई घनी धुंध- फोटो : Sirsa

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