हादसे के आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में संत नगर के लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट गया। चार अगस्त को एक सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई थी, जबकि उनका 11 वर्षीय पुत्र घायल हो गया था, जिसकी रविवार देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई।
आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से गुस्साए गांव संतनगर के लोगों ने सोमवार को गांव भड़ोलावाली के पास स्टेट हाईवे पर किशोर का शव रखकर यातायात जाम कर दिया और नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे ऐलनाबाद के उपमंडलाधीश सुभाष श्योराण, उप पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह व नायब तहसीलदार कृष्ण लाल ने आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर लगभग पांच घंटे बाद जाम खुलवाया।
चार अगस्त को गांव भड़ोलावाली के निकट इनोवा व मोटरसाइकिल के बीच सीधी भिंड़त में बाइक पर सवार गांव संतनगर निवासी छिंद्र सिंह व उसकी बलविंद्र कौर की मौत हो गई थी जबकि उनका 11 वर्षीय पुत्र जसवंत उर्फ काका गंभीर रूप से घायल हो गया। रविवार को उपचार के दौरान जसवंत की भी मौत हो गई। उधर, दुर्घटना के बाद फरार हुए चालक को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग को लेकर मृतक दंपति के परिजन थाना के अनेक चक्कर लगा चुके थे पर पुलिस को सफलता नहीं मिली।
आरोपी चालक की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार में पुलिस के विरुद्ध रोष बढ़ने लगा। रविवार को घायल बच्चे की भी मौत हो जाने से ग्रामीण का गुस्सा और बढ़ गया। गुस्साए ग्रामीण बच्चे का अंतिम संस्कार करने के बजाय सड़क दुर्घटना वाले स्थान पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। गुस्साएं ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन भी किया।
ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोपी के साथ मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी हरदेव सिंह, सुखदेव संधू, पप्पू सिंह, बलदेव सिंह, कश्मीर सिंह, बाबा सतनाम सिंह, सेवा सिंह, गुरमेल सिंह, दयाल सिंह, जोगिंद्र सिंह, छिंदा सिंह, प्रेम सिंह, बलकार सिंह, बलविंद्र सिंह, राज कौर, गुरमीत कौर, महेंद्र कौर, सुखी, कौंबी सहित अन्य ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी से मिली हुई है।
जाम की सूचना मिलने पर ऐलनाबाद से उपमंडलाधीश सुभाष श्योराण, उप पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह व रानियां के नायब तहसीलदार कृष्ण लाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर कर शांत करने की कोशिश की, मगर ग्रामीणों ने उनकी एक नहीं सुनी। ग्रामीणों ने उप पुलिस अधीक्षक से कहा कि पुलिस आरोपी चालक से मिली हुई है और जान बूझकर गिरफ्तार करने में देरी कर रही है।
ग्रामीणों का कहना था कि यह केवल दुर्घटना नहीं, जान बूझकर हत्या की गई है। उप पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर भी ग्रामीणों का गुस्सा कम नहीं हुआ। उपमंडलाधीश सुभाष श्योराण व अन्य अधिकारियों ने काफी मनुहार कर बड़ी मुश्किल से ग्रामीणों को शांत किया और आरोपी चालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।