राजकीय मिडिल स्कूलों में कार्यरत एससी-बीसी मुख्य अध्यापकों की योग्यता जांचने के लिए विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के लिए विभाग के निदेशक ने 3 कमेटियों का गठन कर दिया है। ये कमेटियां अब जांच करेंगी और 17 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। इस संबंध में विभाग के निदेशक ने आदेश जारी कर 7 फरवरी से जांच करने का शेड्यूल भी जारी कर दिया है।
पहली कमेटी : पहली कमेटी में पानीपत के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बृजमोहन की चेयरमैन होंगे। इस कमेटी में सहायक डायरेक्टर मनोज वर्मा और उपाधीक्षक राजीव शर्मा शामिल होंगे। ये कमेटी अंबाला के 103 उम्मीदवारों की 7 फरवरी को जांच में शामिल करेगी। फरीदाबाद के 30 और फतेहाबाद के 83 उम्मीदवारों की जांच 8 फरवरी को करेगी। इसके अलावा फरवरी को कैथल के 67, पंचकूला के 37 उम्मीदवारों को जांच में शामिल किया जाएगा। 10 फरवरी को महेंद्रगढ़ के 143 की जांच होगी। 11 फरवरी को पलवल के 82 उम्मीदवारों को जांच के लिए बुलाया जाएगा।
दूसरी कमेटी का चेयरमैन यमुनानगर के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राम दिया गागट को बनाया गया है। इस कमेटी में वीरेंद्र गोदारा सहायक निदेशक और अधीक्षक सुनील लोहान शामिल हैं। ये कमेटी हिसार, गुरुग्राम, झज्जर, करनाल, रोहतक, मेवात और सिरसा के उम्मीदवारों की योग्यता की जांच करेगी। इसका शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। शेड्यूल के अनुसार कमेटी 7 फरवरी को हिसार के 111 उम्मीदवार, 8 फरवरी को गुरुग्राम के 75 और झज्जर के 44 उम्मीदवार, 9 फरवरी को करनाल के 90 उम्मीदवार और रोहतक के 13 उम्मीदवारों की जांच करेगी। इसके अलावा 10 फरवरी को मेवात के 165 और 11 फरवरी को सिरसा के 86 उम्मीदवारों की योग्यता जांचेगी।
तीसरी कमेटी में अंबाला के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड़ को चेयरमैन बनाया गया है। इनके साथ सदस्य के रूप में सहायक निदेशक शकुंतला सिंधु और अधीक्षक सुबोध कुमार को शामिल किया गया है। ये कमेटी 7 फरवरी को भिवानी के 84, चरखी दादरी के 31 उम्मीदवारों की जांच करेगी। 8 फरवरी को जींद के 87 और पानीपत के 36 उम्मीदवारों को जांच के लिए बुलाएगी। इसके अलावा 9 फरवरी को कुरुक्षेत्र के 97 और 10 फरवरी को रेवाड़ी के 115 उम्मीदवारों की जांच करेगी। इसके अतिरिक्त 11 फरवरी को सोनीपत के 35 और यमुनानगर के 82 उम्मीदवारों की योग्यता जांचेगी।
शिक्षा विभाग ने पिछले वर्षों के दौरान प्रदेश भर के 1600 से ज्यादा अध्यापकों को पदोन्नति देकर मिडिल हेड बनाया। लेकिन इसके बाद आरोप लगने शुरू हो गए। आरोप लगे कि नियमों को ताक पर रखकर पदोन्नति दे दी गई। योग्यता पूरी ना करने वालों को भी पदोन्नत किया गया। ऐस में शिकायतें बढ़ी तो विभाग ने संज्ञान लिया और मुख्य सचिव ने जांच की अनुशंसा की। अब विभाग के निदेशक ने जांच करने के लिए तीन कमेटियों का गठन कर दिया। ये कमेटियां 7 फरवरी से जांच शुरू कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। सूत्र बताते हैं कि यदि योग्यता में गड़बड़ मिली को पदोन्नतियां रद्द करने संबंधी फैसले भी लिए जा सकते हैं।