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यूक्रेन के खारकीव और कीव को छोड़ अन्य मेडिकल यूनिवर्सिटी की शुरू हुई ऑनलाइन कक्षाएं

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यूक्रेन से लौटा सिरसा का छात्र रितिक पंवार ऑनलाईन पढ़ाई करता हुआ। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। यूक्रेन के कई विश्वविद्यालयों की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की गई हैं। जिसके बाद बच्चों के भविष्य की कुछ चिंता भी अभिभावकों की कम हुई है। विद्यार्थी अब घर बैठे जूम एप और अन्य वेबसाइटों के माध्यम से कक्षा लगा रहे हैं। ताकि उनकी पढ़ाई निरंतर जारी रह सके।
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यूक्रेन पर रूस की ओर से हमला किए जाने के बाद जिले के 38 विद्यार्थी वापस अपने घर पर पहुंचे हैं। जिले में यूक्रेन से वापस लौटे विद्यार्थी अलग-अलग विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त कर रहे थे, लेकिन रूस की ओर से हमला किए जाने के बाद सभी विद्यार्थी सुरक्षित वहां से लौट आए । ऐसे में उनके अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी थी। हालांकि अभी तक यूक्रेन के खारकीव, कीव सहित कई शहरों में स्थिति सामान्य नहीं हो पाने के कारण कई विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू नहीं हुई। वहीं सिरसा से यूक्रेन में एमबीबीएस करने के लिए पहुंचे अधिकतर विद्यार्थी खारकीव और कीव में पढ़ाई कर रहे थे। शहर के एफ ब्लॉक निवासी सुभाष पंवार ने बताया कि उसके बेटा रितिक पंवार यूक्रेन के इवानों विश्वविद्यालय में दूसरे वर्ष में एमबीबीएस की पढ़ाई करता है। युद्ध के कारण वह वापस लौटा। ऐसे में अब विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अभिभावक बोले : सरकार की ओर से दी जानी चाहिए विद्यार्थियों को शिक्षा
वहीं एमसी कॉलोनी निवासी मोनिका शर्मा ने बताया कि उसकी बेटी खुशी यूक्रेन में एमबीबीएस करने के लिए गई थी। पहले वर्ष की पढ़ाई शुरू की गई थी, लेकिन युद्ध होने के कारण वह वापस लौट आई। वहीं उन्होंने कहा कि तेलंगाना और महाराष्ट्र सरकार की ओर से लौटे हसभी विद्यार्थियों को राज्य की ही एमबीबीएस के शिक्षण संस्थानों में शिक्षा देने का एलान किया है। ऐसे में हरियाणा सरकार को भी विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा देने के लिए शिक्षण संस्थानों में दाखिला दिया जाना चाहिए। ताकि बच्चों की पढ़ाई होने के साथ-साथ वह प्रैक्टिस भी कर सके।
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