सिरसा। गांव सलारपुर स्थित एक निजी फैक्टरी का टैंक साफ करते समय गैस की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि चार की हालत गंभीर बनी हुई है। फैक्टरी में धान और नरमे की दवाइयां व खाद तैयार की जाती है। डेढ़ वर्ष पहले ही फैक्टरी पंजाप के मानसा जिले के सरदूलगढ़ से सिरसा के गांव सलारपुर में शिफ्ट हुई थी। जिसके चलते फैक्टरी में काम करने वाले अधिक श्रमिक भी सरदूलगढ़ के ही निवासी हैं।
फैक्टरी में हुए हादसे में सरदूलगढ़ के गांव झंडूकला निवासी 20 वर्षीय जग्गा सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने के बाद जग्गा सिंह के परिजन अस्पताल में पहुंचे। वहीं जग्गा की बहन राजविंद्र कौर ने ठेेकेदार पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उसका भाई जग्गा पहले टैंक साफ करने के लिए उतरा था। गैस के कारण वह बेहोश होकर अंदर गिर गया और इसके बाद अन्य चार मजदूर अंदर गिरे थे। 1500 लीटर के टैंक में गैस होने की जानकारी ठेकेदार और फैक्टरी संचालक को पहले मजदूरों को देने चाहिए थी। ताकि उसके भाई के जान बच जाती। बहन राजविंद्र ने बताया कि वह खुद भी डेढ़ साल पहले अपने भाई के साथ सरदूलगढ़ में इस फैक्टरी में दवाइयों की पैकिंग करने का काम करती थी। करीब डेढ़ साल पहले फैक्टरी सिरसा में शिफ्ट हो गई और ठेकेदार सरदूलगढ़ के मजदूर ही सिरसा अपने साथ लेकर आया था।
खेतों में बनी है फैक्टरी
गांव सलारपुर से 10 किलोमीटर दूर खेतों में बनी फैक्टरी में जैविक खाद और स्प्रे तैयार की जाती है। कच्चा माल लाकर फैक्टरी की लैब में खाद और स्प्रे को तैयार कर पैकिंग की जाती है। फैक्टरी में करीब 20 मजदूर काम करते हैं।
गंभीर मजदूर रमेश को किया रेफर
गैस की चपेट में आने से झंडूकला निवासी 20 वर्षीय जग्गा सिंह की मौत हो गई। जबकि सरदूलगढ़ निवासी रमेश कुमार की हालत गंभीर होने के कारण उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं सिरसा के ही निजी अस्पताल में अभी फतेहाबाद निवासी 20 वर्षीय रोहित कुमार, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय शुभम और वैदवाला निवासी 28 वर्षीय राणा सिंह का इलाज चल रहा है।
सलारपुर फैक्टरी में घटना के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई है। मृतक के परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं। फैक्ट्री के दस्तावेज और अन्य उपकरणों की जांच की जाएगी। बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।
-सुनीता रानी, प्रभारी, सदर थाना सिरसा
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आठ वर्षों से मजदूर फैक्टरी में काम कर रहे हैं। काम के दौरान मजदूर गैस की चपेट में आ गए। मजदूूरों का इलाज निजी अस्पताल में करवाया जा रहा है।
-नरेश सेठी, संचालक, एमडी बायोकोल फैक्टरी
मजदूरों के घायल होने के बाद निजी अस्पताल के बाहर लगी मरीजों के परिजनों की भीड़- फोटो : Sirsa