जिले में पढ़ने वाले विद्यार्थी को बसों की आने वाली समस्याओं को लेकर विद्यार्थी शिकायतें दे रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर प्रशासन तक अपनी परेशानी का संदेश पहुंचाने में लगे हुए हैं। बस में सवारी ज्यादा होने के कारण बस चालकों को रास्ते में बस रोकनी पड़ रही है। शहर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अपनी परेशानियों के बारे में जानकारी दी। वहीं डिपो में किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली चारों बसें पहले दिन देरी से डिपो पहुंची, जिस पर डिपो महाप्रबंधक केआर कौशल ने ठेकेदार को बुलाया और नियमों के बारे में जानकारी दी।
सिरसा से फतेहाबाद के लिए ट्रांसपोर्ट एजेंसी द्वारा चार बसों को संचालित किया जाता है। जिसका परमिट आरटीए ने फुलकां, कवंरपूरा, कुसुंबी, ताजीया, शेरपुरा, डिंग मंडी और दौलतपुर रूट का दिया हुआ है। बसें अपने रूट पर न आने के कारण अभिन्यु सिहाग, अजय, रवि, मोनिका, पूजा, राहुल ने बताया कि उनके गांव में बसों का रूट तो दिया हुआ है लेकिन उनके गांव में कोई बस नहीं आती है। बसों से परेशान छात्र-छात्राएं आरटीए कार्यालय पहुंचे, जहां केवल आश्वासन ही दिया गया। जिसके बाद सभी विद्यार्थी एडीसी मनदीप कौर के पास पहुंचे और अपनी समस्या के बारे में बताया। छात्र अभिन्यु सिहाग ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया है कि कुछ ही समय में यह समस्या दूर हो जाएगी। छात्रों ने बताया कि इससे पहले उन्होंने 24 जनवरी को भी उपायुक्त को बसों की समस्या के बारे में ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। छात्रों ने बताया कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह शनिवार को उपायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे।
ओवरलोड होने पर चालक ने रोक दी बस
सुबह विद्यार्थियों की भीड़ इतनी ज्यादा हो जाती है कि सवारियों को चढ़ने की जगह तक नहीं मिलती। सुबह के समय जमाल गांव से माधोसिंघाना, मोडिया, चौबुर्जा, शहीदांवाली तथा नटार होकर सिरसा पहुंचने वाली बस में लगभग 100 के करीब विद्यार्थी सफर करते हैं। शुक्रवार को सुबह जब बस जमाल से होकर वापस आ रही थी तो चालक को रास्ते में बस रोकनी पड़ी। क्योंकि बस में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि छात्र बस की साइड में लगी पाइप के सहारे लटके हुए थे। अनहोनी से बचाने के लिए परिचालक ने बस को रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद कुछ छात्रों को रास्ते में ही उतरना पड़ा। बस में मौजूद विद्यार्थियों ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दी और एक वीडियो रोडवेज महाप्रबंधक को भी भेज दी। चालक ने बताया कि उसने लड़कों की सुरक्षा को देखते हुए बस को रोका था। क्योंकि अगर बस के शीशे की पाइप के सहारे लटक के सफर करते हैं तो कोई भी हादसा हो सकता है।
सीएम फ्लाइंग भी काट चुकी है चालान
निर्धारित रूट पर बसेें न चलाने को लेकर सीएम फ्लाइंग ने भावदीन टोल पर बसों की जांच की थी। जिसमें पाया था कि फतेहाबाद की ओर चलने वाली चारों निजी बसें अपने निर्धारित रूट से होकर नहीं जाती हैं। जिसको लेकर फ्लाइंग दस्ते ने दो बसों के चालान कर दिए थे। लेकिन बावजूद इसके निजी बस संचालक इस पर कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
जीएम ने बस के ठेकेदार को किया तलब किया
सिरसा डिपो में चार बसें किलोमीटर स्कीम के तहत दी गई है। महाप्रबंधक ने चारों बसें दिल्ली के रूट पर लगाई है। पहले दिन रूट पर चली बसें दिल्ली जाने के लिए सिरसा डिपो से बसें पांच बजकर 24 मिनट, छह बजकर 15 मिनट, छह बजकर 45 मिनट और सात बजकर 20 मिनट पर निकलती हैं। जो जानकारी अनुसार छह घंटे में दिल्ली पहुंचनी होती है। लेकिन किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली सभी बसें दिल्ली में देरी से पहुंची। जब इसकी जानकारी सिरसा डिपो के महाप्रबंधक केआर कौशल को हुई तो इस पर जीएम ने बस के ठेकेदार को अपने कार्यालय में तलब किया और आदेश दिए कि आगे से उनकी बसों को रूट पर देरी नहीं होनी चाहिए।
किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसें देरी से पहुंची थी, जिसपर ठेकेदार को निर्देश दे दिए गए हैं। बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका जल्द ही समाधान किया जाएगा।
-केआर कौशल, महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।
एडीसी कार्यालय में शिकायत देने पहुंचे विद्यार्थी।- फोटो : Sirsa