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Sirsa News: अब खत्म हो गया चुनावों का वो दौर जब घरों पर होते थे पार्टी के झंडे

Thu, 23 May 2024 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा है। चुनाव अपने चरम पर है। लेकिन लोगों में पहले वाला जोश देखने को नहीं मिल रहा है। बाजारों में अब दुकानों न किसी पार्टी का झंडा है और न ही स्टीकर देखने को मिल रहे हैं। ऐसा सिर्फ बाजारों में ही नहीं है। मोहल्लो और सेक्टरों में भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। राजनीति के जानकारों के अनुसार कोई भी सीधे तौर पर किसी का समर्थन करने से अब गुरेज करता है। पहले ऐसा नहीं था। लोग स्पष्टवादी थे और अपने नेता के प्रति ईमानदार भी थे। अब ऐसा कुछ नहीं है।
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वहीं अब प्रत्याशियों के कार्यालयों में भी उनके कार्यकर्ताओं की संख्या भी बेहद कम ही देखने को मिलती है। चुनिंदा कार्यालय ही नजर आते हैं। ऐसे में लोगों का रुख किस ओर होगा समझ नहीं आ रहा है। साइलेंट वोटर कहां जाएगा इस बारे में कोई कुछ कह नहीं सकता है। बाजारों और गांवों के लोगों के बातचीत के बाद यह बात निकल कर सामने आई है कि चुनावों में साइलेंट वोटर का अहम रोल होता है। जो इस बार भी देखने को मिलेगा। आंकड़ों के अनुसार डेढ़ से दो लाख वोटर साइलेंट हैं। जो चुनावों में अपनी कोई सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे हैं या अपने विचार व्यक्त नहीं कर रहे हैं।
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साइलेंट वोटर से सभी को डर
बता दें कि साइलेंट वोटर से सभी पार्टी के प्रत्याशियों और नेताओं में डर का माहौल है। इन वोटर को साधने के लिए सभी प्रत्याशियों ने अपने स्तर पर वादे करके देख लिए हैं। हर कोई बड़े-बड़े दावे कर रहा है। कोई देश की बात कर रहा है तो कोई लोकतंत्र की बात कर रहा है। लेकिन इन मतदाताओं को कौन लुभा पाएगा इसका खुलासा चार जून को होगा। जब 25 मई को होने वाले मतदान का परिणाम देखने को मिलेगा।
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जानिए कौन होता है साइलेंट वोटर
साइलेंट वोटर वह होता है जो सभी की सुनता है और किसी के बारे में कुछ नहीं कहता। उसे किसे वोट देना है इस बारे में उसने पहले से तय किया होता है। बस वह चुनावी माहौल को देखता रहा है। यही वह मतदाता होता है जो सारे चुनाव का निर्णय करता है और विजेता का चयन करता है।
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