सिरसा। जिले में इस बार गेहूं और सरसों की फसल की पैदावार अधिक हुई। किसानों ने इसके लिए मौसम का प्रभाव माना है। वहीं, जिले में फसल की सरकारी और निजी खरीद के कारण अधिकारियों के लक्ष्य से अधिक फसल मंडियों में पहुंची। पहली बार 60,000 किसानों को 1,200 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अब करीब दो प्रतिशत किसानों का भुगतान बकाया है। वहीं, सरसों की फसल के लिए 506 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को दिया गया है।
जिले में गेहूं की सरकारी खरीद 22 मई को बंद हो गई है। इस बार पिछले साल के मुकाबले इस बार दो गुणा फसल मंडियों में पहुंची है। किसानों के अनुसार पिछले वर्ष मौसम किसानों के अनुरूप न रहकर फसली सीजन के विपरीत होने के कारण पैदावार में काफी कमी आई थी लेकिन इस बार फसली सीजन के मुताबिक मौसम बिल्कुल ठीक बना रहा। इससे बीमारियों में कमी आई तो गेहूं और सरसों की पैदावार बेहतर रही।
हैफेड ने खरीदा 6 लाख मीट्रिक टन गेहूं
गेहूं की फसल में अधिकारियों के अनुसार सरकार की ओर से इस बार छह लाख मीट्रिक टन अनाज खरीदने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 5,81,706 टन गेहूं और करीब 90,000 टन सरसों की खरीद की गई है।
शत-प्रतिशत हो चुकी है उठान
जिले में उठान का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। गेहूं और सरसों की उठान मंडियों में शत-प्रतिशत हो गई है। कुछ मंडियों में भले ही एक, दो प्रतिशत गेहूं पड़ा हो। अब सरकारी खरीद खत्म हो गई है। ऐसे में बची हुई फसल की उठान भी जल्द हो जाएगी।
जिले में सभी किसानों को फसल का शत-प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। मंडियाें में कुछ जगह पर बचे गेहूं और सरसों की करीब 200 बोरियों को जल्द उठवाया जाएगा। - मांगे राम, हैफेड प्रबंधक, सिरसा।