सिरसा। हरियाणा सरकार डिजिटल पारदर्शिता की दिशा में एक और कदम बढ़ा रही है। स्वास्थ्य विभाग की तरह अब स्कूल शिक्षा विभाग भी अपने वित्तीय लेन-देन में स्पष्टता लाने के लिए स्पर्श एप का इस्तेमाल शुरू कर रहा है। प्रदेश के 250 पीएमश्री स्कूलों में यह पहल पहले चरण में लागू होगी, जिसमें सिरसा के 14 स्कूल शामिल हैं।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत संबंधित कर्मचारियों को इस एप के उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि स्कूलों को मिलने वाले फंड का हिसाब-किताब पूरी तरह पारदर्शी और सटीक हो सके। सर्वप्रथम पीएमश्री राजकीय स्कूलों को मिलने वाले फंड आदि के लिए इस एप का उपयोग किया जाएगा। प्रदेशभर में 250 पीएमश्री स्कूल हैं, जिनमें से सिरसा जिले के 14 स्कूलों को पीएमश्री स्कूलों के रूप में चयनित किया गया है। इन स्कूलों में सबसे पहले शुरूआत की जाएगी।
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डिजिटल ट्रैकिंग से बढ़ेगी जवाबदेही
स्पर्श एप के माध्यम से अब स्कूलों को मिलने वाली सभी ग्रांट, खर्च और भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इससे विभागीय कार्यों में न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। अधिकारी किसी भी समय एप के जरिये विभिन्न योजनाओं के वित्तीय लेनदेन की स्थिति देख सकेंगे, जिससे अनियमितताओं की संभावना कम होगी। सिरसा सहित राज्यभर के जिलों में समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े अकाउंट कर्मियों को जल्द ही स्पर्श एप के उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को एप में लॉगिन करने, डेटा एंट्री करने, बिल और भुगतान दर्ज करने तथा रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई जाएगी, ताकि कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि न हो।
ई-गवर्नेंस की दिशा में सराहनीय पहल
अधिकारियों का कहना है कि स्पर्श एप के माध्यम से विभागीय फंड के समुचित उपयोग, निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह पहल मुख्यमंत्री के ई-गवर्नेंस और डिजिटल हरियाणा अभियान को मजबूती प्रदान करेगी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत अधिकांश विकास कार्यों में केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों का बजट शामिल होता है। कई बार ऐसा देखा गया है कि केंद्र सरकार का बजट खर्च हो जाता है, जबकि प्रदेश सरकार का हिस्सा समय पर नहीं पहुंच पाता, जिससे परियोजनाएं अधूरी रह जाती हैं। अब स्पर्श एप के माध्यम से दोनों स्तरों के बजट की ट्रैकिंग एक समान रूप से हो सकेगी, जिससे विकास कार्यों की गति और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी।
स्पर्श एप सर्वप्रथम पीएमश्री स्कूलों में मिलने वाली सभी ग्रांट के लिए प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को जानकारी दी जा रही है।
- विनोद कुमार, सहायक जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान।
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स्पर्श एप का उद्देश्य विभागीय कार्यों को पूरी तरह डिजिटल बनाना है। इससे स्कूलों के खातों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। प्रत्येक खर्च का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जिससे किसी भी स्तर पर जांच और निगरानी आसान होगी। -
सुभाष फुटेला, जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान ।