सिरसा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से फॉगिंग ठप, मलेरिया-डेंगू का खतरा बढ़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में इस बार फॉगिंग नहीं हो पाएगी। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण यह स्थिति बनी है। मलेरिया और डेंगू के मरीज मिलने पर भी प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग संभव नहीं होगी।
शहर में बरसात कम होने के बावजूद मलेरिया और डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद को फॉगिंग करवाने के लिए पत्राचार किया है। नगर परिषद के पास फॉगिंग के लिए दवा और मशीनें उपलब्ध हैं। हालांकि, इन्हें चलाने के लिए पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में फॉगिंग पूरी तरह ठप है। इससे मच्छररोधी अभियान भी प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के सामने सफाई व्यवस्था संभालने के साथ फॉगिंग करवाने की दोहरी चुनौती है।
हड़ताली कर्मचारियों ने आंदोलन के चलते काम करने से इन्कार कर दिया है। इस बार शहर में नियमित फॉगिंग की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। नागरिक अस्पताल परिसर में भी फॉगिंग नहीं हो सकी है जिससे मच्छरों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है।
फॉगिंग में बाधाएं
फॉगिंग का काम सामान्य तौर पर सफाई कर्मचारियों के माध्यम से करवाया जाता है। एक मशीन चलाने के लिए तीन कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है। जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद ने बताया कि फॉगिंग मुख्य रूप से सफाई कर्मचारियों के भरोसे थी। कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब फॉगिंग करवाना संभव नहीं है। अधिकारियों के सामने सीमित संसाधनों में कूड़ा उठवाने या फॉगिंग करवाने की दोहरी चुनौती है।
बीमारियों का बढ़ता खतरा
नगर परिषद की ओर से अगस्त और सितंबर माह में शहर में फॉगिंग करवाई जाती थी। इस फॉगिंग से बस्ती क्षेत्र में गरीब लोगों को बीमारियों से राहत मिलती थी। विभाग के कर्मचारी सुबह और शाम के समय फॉगिंग का काम करते थे। अब फॉगिंग न होने से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति शहर में सफाई और मच्छररोधी अभियान की जमीनी तस्वीर दिखाती है।