सिरसा। ऐलनाबाद पंचायत समिति के सदस्यों ने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पर टेंडर में भ्रष्टाचार और एक साल से कोई काम नहीं करने का आरोप लगाया है। पंचायत समिति के 25 में से 22 सदस्यों ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और एडीसी डाॅ. विवेक भारती को चेयरमैन व वाइन चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। एडीसी ने 29 जनवरी को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक करने की बात कही। समिति सदस्यों ने एक भाजपा नेता पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए विकास कार्यों के सभी टेंडर करीबियों को दिलाने की बात कही। यह भी कहा कि एक साल से विकास कार्य नहीं होने की भी बात कही।
ब्लॉक समिति सदस्यों ने कहा कि विकास कार्यों में बड़े स्तर पर धांधली हो रही है। 27 दिसंबर को भी अधिकारियों को चेयरमैन के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। ऐसे में आज 25 में से 22 सदस्य एक साथ आए हैं और अतिरिक्त उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा है। अविश्वास प्रस्ताव लाकर हम चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को बदलना चाहते हैं ताकि भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके। सभी सदस्यों ने आरोप लगाया कि भाजपा के एक नेता भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। 29 जनवरी को दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
समिति सदस्यों ने यह लगाए आरोप
1 - टेंडर में कमीशनखोरी होती है।
2 - खाली प्रोसिडिंग पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं।
3 - विकास कार्यों में धांधली होती है।
4 - समिति सदस्यों को पूछा नहीं जाता है।
अविश्वास प्रस्तार देने वालों में ये सदस्य रहे शामिल
सोहन सिंह, हाकम सिंह, राजबीर कौर, लखविंद्र सिंह, रवि नागर, कालूराम, मंजूबाला, राजेंद्र कुमार, सुभाष भांभू, ज्योति, बिमला, सिनम, राजबाला, सुमन, मंजूदेवी, संदीप कुमार, परमजीत, राजबीर, साहब राम, परमजीत कौर, मदन आदि सदस्य मौजूद रहे।
समिति सदस्यों ने अपने कामों की सूची बनाकर दी थी, उन्हीं कार्यों के टेंडर लगाए गए थे। काम नहीं करवाने जैसे आरोप बेबुनियाद हैं। अभी तक दो ही बैठक हुई है। पहली बैठक के काम पूरे हो चुके हैं। - कविता, चेयरमैन, पंचायत समिति ऐलनाबाद
पंचायत समिति सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपना दावा पेश किया है। इस मामले में 29 जनवरी को सभी की बैठक बुलाई जाएगी और अविश्वास पर आगामी कार्रवाई होगी। - डॉ. विवेक भारती, अतिरिक्त उपायुक्त
जिला परिषद की बैठक रद्द होने पर पार्षदों ने जताई नाराजगी, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
सिरसा। पंचायत भवन में मंगलवार को होने वाली जिला पार्षदों की बैठक रद्द हो गई। इसको लेकर जिला परिषद के सदस्यों व आम आदमी पार्टी के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की। आप नेताओं ने जहां लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया, वहीं जिला परिषद के सदस्यों ने उपायुक्त को अपना ज्ञापन सौंपा।
जिला पार्षदों ने कहा कि वे एक बड़ी आबादी के चुने हुए जन प्रतिनिधि हैं। जनता के प्रति जवाबदेह हैं। जिला परिषद की बैठक में पार्षद अपने निर्वाचन क्षेत्र की विकास योजनाओं और समस्याओं को रखता है, ताकि उन सभी का समाधान हो सके। इसी कारण साल में छह बैठक होनी तय हुई थी। इसमें से दो बैठक रद्द कर दी गई। ऐसे में अपने-अपने क्षेत्र का विकास पार्षद कैसे करवा पाएंगे। इसलिए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा है कि वे जल्द से जल्द बैठक करवाए। इस मौके पर जिला पार्षद नंद लाल बैनीवाल, पार्षद प्रतिनिधि राम कुमार, पार्षद प्रतिनिधि बलकर्ण सिंह, पार्षद प्रतिनिधि सतगुरु सिंह, पार्षद प्रतिनिधि हैप्पी रानियां, जिला पार्षद जसदेव सिंह निक्का, जिला पार्षद गुरभेज सिंह गिल, जिला पार्षद प्रतिनिधि बलविंद्र सिंह बराड़, जिला पार्षद प्रतिनिधि मानक सिंह, जिला पार्षद गुरचरण सिंह फौजी आदि मौजूद रहे।
आप नेता बोले- एक परिवार के हाथों की कठपुतलियां बन चुके हैं जिला प्रशासन के अधिकारी
आप जिलाध्यक्ष एवं पार्षद प्रतिनिधि हैप्पी सिंह, जिला पार्षद जसदेव सिंह निक्का, जिला पार्षद गुरभेज सिंह गिल, जिला पार्षद मनजीत कौर, जिला पार्षद गुरचरण सिंह फौजी ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारी एक परिवार के हाथों की कठपुतलियां बने हुए हैं। चेयरमैन बैठक रद्द कर देते हैं और ठोस कारण भी नहीं बताते। उन्होंने कहा कि बैठकें न होने के कारण पिछले साल नौ करोड़ की ग्रांट वापस चली गई। 15 करोड़ रुपये की विकास राशि आवंटित नहीं होने के कारण वापसी की कगार पर है इसलिए जल्द से जल्द बैठक की जानी चाहिए।