सिरसा। वैदवाला गांव में बिजली टावरों की लाइन के मुआवजे का विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। दो दिनों से दो किसान जलघर की पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से बातचीत की पहल नहीं हुई है। शुक्रवार को विभिन्न किसान संगठनों और कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने धरने को समर्थन दिया।
खेत मालिक भूपेंद्र सिंह वैदवाला और दिव्यांग किसान वेद प्रकाश टंकी पर चढ़कर प्रशासन के खिलाफ रोष जता रहे हैं। वहीं किसान नेता जलघर परिसर में धरना दे रहे हैं। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
किसान भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मुआवजे को लेकर पहले प्रशासन के साथ बैठक हुई थी। इसमें जमीन के मुआवजे का दोबारा मूल्यांकन करवाने और तब तक बिजली लाइन बिछाने का काम रोकने पर सहमति बनी थी। किसानों का कहना है कि प्रशासन के आश्वासन पर उन्होंने खेत खाली रखे लेकिन बाद में पुलिस की मौजूदगी में बिजली लाइन बिछा दी गई।
किसानों ने सवाल उठाया कि मुआवजे का विवाद सुलझे बिना लाइन बिछाने की जल्दबाजी क्यों की गई। उन्होंने बिछाई गई लाइन हटाने, जमीन का दोबारा मूल्यांकन कराने और उचित मुआवजा निर्धारित करने की मांग की।
किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी वीरवार को किसानों के समर्थन में वैदवाला पहुंचे थे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से बातचीत के जरिए समस्या का समाधान करने की अपील की थी। साथ ही मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी।
अखिल भारतीय किसान सभा ने दिया समर्थन
टॉवर लाइन मुआवजा विवाद को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा का शिष्टमंडल शुक्रवार को वाटर वर्क्स पहुंचा। जिला उपाध्यक्ष भजन लाल बाजेकां की अध्यक्षता में शिष्टमंडल ने किसान पंचायत में भाग लिया। नेताओं ने प्रभावित किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार मुआवजा देने की मांग की।
शिष्टमंडल में जिला सचिव प्रीतपाल सिंह सिद्धू, तिलक राज विनायक, बलराज सिंह बणी, मिलख राज धनूर, पाल सिंह रानियां, इकबाल सिंह नेजाडेला और रामकिशन फौजी शामिल रहे।
किसान सभा नेताओं ने कहा कि प्रभावित किसान कई महीनों से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। जिला उपाध्यक्ष भजन लाल बाजेकां ने सरकार से निर्धारित मानदंडों के अनुसार मुआवजा देने की मांग की। बलराज सिंह बणी ने कहा कि सरकार संवेदनशीलता दिखाकर समस्या का शीघ्र समाधान करे। किसान सभा ने चेतावनी दी कि मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं हुआ और कोई अप्रिय घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।