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एंबुलेंस सेवा बाधित, स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे विभागों से मांगे 25 चालक

Fri, 28 Oct 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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एनएचएम कर्मी - फोटो : bureau
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नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी एंबुलेंस को लेकर है। नियमित चालकों के अभाव में जिलेभर में सरकारी एंबुलेंस सिविल अस्पताल में खड़ी हुई हैं, जिस कारण शहरवासियों को निजी एंबुलेंस किराए पर करके सिविल अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है।
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एंबुलेंस के कारण लोगों को रही परेशानी के हल तलाशते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डीसी को पत्र लिखकर अन्य सरकारी विभागों से 15 चालकों की डिमांड की है। शुक्रवार को विभिन्न सरकारी विभागों के चालक एंबुलेंस चलाने सिविल अस्पताल पहुंचेंगे।

सरकार ने सख्ती दिखाते हुए प्रदेशभर में वीरवार को 53 एनएचएम कर्मचारी बर्खास्त कर दिए, इनमें से सिरसा जिले के नौ कर्मचारी शामिल हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विरेश भूषण का कहना है कि प्रशासन ने सिविल अस्पताल के आसपास एक किलो मीटर के दायरें में धारा 144 लागू कर दी है।
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ऐसे में चार से अधिक लोग इस दायर में एकत्रित नहीं हो सकते। एनएचएम कर्मचारी सिविल अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय समक्ष डेरा डाले हुए हैं। कर्मचारियों को धारा 144 से अवगत करवाया दिया है।

उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है। रेगुलर कर्मचारियों को ज्यादा देर तक ड्यूटी देनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग निजी एंबुलेंस चालकों से भी हड़ताल के दौरान सहयोग मांग सकता है।

ये विकल्प विभाग के पास मौजूद हैं। एनएचएम के तहत स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क, एंबुलेंस ड्राइवर, नर्सें, फार्मासिस्ट, कंप्यूटर असिस्टेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, फोर्थ क्लास समेत 556 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनमें से बीएमएस डॉक्टर, नर्सें, एएनएम, इन्फोर्मेशन असिस्टेंट, ब्लॉक आशा को-आर्डिनेटर, लैब टेक्नीशियन, एंबुलेंस ड्राइवर, फार्मासिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर और फोर्थ श्रेणी कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

जारी रहेगी हड़ताल
वीरवार को एनएचएम के हड़ताली कर्मचारी सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) यूनियन के जिला उप प्रधान विजय कंबोज ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को लगातार अनदेखा कररही है। सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन अब वह वादा खिलाफी पर उतर आई  है।

सरकार हर रोज कुछ कर्मचारियों को बर्खास्त कर रही है। ऐसा करने से कर्मचारियों के हौसले पस्त होने वाले नहीं। जब तक सरकार एनएचएम कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं करती, उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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