ठेके के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के बाद भी शराब बिकनी बंद नहीं हुई तो गांव मटदादू में पंचायत ने बिक्री के लिए प्रयोग किए जाने वाला कमरा ध्वस्त कर दिया। पंचायत के अनुसार गांव में एक राजनीतिक दल का कार्यकर्ता ही अवैध तरीके से शराब की बिक्री करता था।
गांव मटदादू में खुइयांमलकाना मार्ग पर शराब ठेके की ब्रांच खुली हुई थी। जिसे पंचायत ने प्रस्ताव पारित करके बंद करवा दिया।
इसके बावजूद पंचायती जमीन पर बने कमरे से ही अवैध शराब की बिक्री होने लगी। भनक लगने पर पंचायत पुलिस के पास शिकायत लेकर गई। सिरसा जिले में सीएम के दौरे की व्यस्तता की बात कहकर पुलिस ने पैरवी करने से इनकार कर दिया। पंचायत ने पुलिस को शराबबंदी के प्रस्ताव की कॉपी दी। पुलिस ने दूसरी शिकायत पर रेड की। उस समय नाजायज तरीके से शराब बेचने वाले भाग खड़े हुए।
पुलिस के कहने पर पंचायत ने उपरोक्त कमरे पर ताला जड़ दिया। इसके बाद शराब माफिया ने ताला तोड़कर पंचायत को सरेआम चेतावनी दे दी। पंचायत पुन: शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच गई। पुलिस ने कहा कि अगर शराब माफिया ताला तोड़ सकता है, तो आप भी कमरा गिरा दो। पुलिस के रवैये के बाद सरपंच पृथ्वी सिंह ने पंचायत सदस्यों को साथ लेकर बुधवार को गांव में शराब बिक्री का केंद्र बने कमरे को ध्वस्त कर दिया।
गांव का एक राजनीतिक दल का कार्यकर्ता शराब बिक्री के अवैध धंधे में संलिप्त था। उसे कई दफा नोटिस दिया गया। भाईचारे में घर पर जाकर समझाया गया था। लेकिन वह नहीं माना। मजबूरन पंचायत को उपरोक्त कदम उठाना पड़ा।
पृथ्वी सिंह, सरपंच, गांव मटदादू