हाईकोर्ट ने डीजीपी हरियाणा को दिए निर्देश, निजी नशा मुक्ति केंद्रों पर उठे सवाल, नशा छुड़ाने की आड़ में ड्रग्स बेचने के आरोप
जिले में चल रहे हैं सात निजी नशा मुक्ति केंद्र
सिरसा। जिले में संचालित निजी नशा मुक्ति केंद्रों की विशेष जांच टीम की ओर से जांच की जाएगी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा के डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की जांच आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में गठित एसआईटी से कराई जाए। कोर्ट ने कहा कि एसआईटी पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करे।
मामले के अनुसार, सिरसा निवासी राजेंद्र सिंह ने 3 अप्रैल 2025 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि सिरसा में नशा छुड़ाने के नाम पर चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की आड़ में प्रतिबंधित ड्रग्स बेची जा रही हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि इन केंद्रों के संचालक मादक पदार्थ अधिनियम व ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत अपराध कर रहे हैं। इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
याचिका में नशा मुक्ति केंद्रों के नाम भी अदालत को बताए गए। सुनवाई के दौरान राज्य के अधिवक्ता ने न्यायाधीश जसजीत सिंह बेदी को बताया कि एक केंद्र के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कुछ सच्चाई सामने आई है। हालांकि, उस रिपोर्ट के आधार पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, अन्य केंद्रों के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं है।
10 मार्च को याचिका का निपटारा करते हुए न्यायाधीश जसजीत सिंह बेदी ने कहा कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हरियाणा के डीजीपी को निर्देश दिया जाता है कि मामले की जांच आईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर कराई जाए। कोर्ट ने कहा कि एसआईटी मामले के सभी तथ्यों की गहराई से जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे। सिरसा जिले में वर्तमान में तीन सरकारी और सात निजी नशा मुक्ति केंद्र संचालित हो रहे हैं।