संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने अपनेे प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसकी जिम्मेदारी अब जेई और तकनीकी विशेषज्ञ को दी गई है। इसके साथ ही लोगों को कचरा सेग्रीगेशन के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
इसके साथ ही पांच संस्थानों को कंपोस्ट प्लांट बनाने के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में डोर टू डोर जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि जब टीम किसी कॉलोनी में जाए तो लोग उनके सवालों के जवाब दे सकें।
पिछले चार सालों से शहर की स्वच्छता रैंकिंग लगातार गिर रही है। इसके मुख्य कारण शहर में खुले में कचरा, सफाई का अभाव, सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति और आमजन की फीडबैक के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का अभाव रहे। इतना ही नहीं, सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशु और डंपिंग प्वांइट में फैला कचरा भी रैंकिंग गिरने का मुख्य कारण साबित हुए थे।
आंकड़ों के अनुसार, सिटीजन वाइस में पिछले साल 800 अंकों की कमी आई थी। इस बार पहले चरण में ही नप ने काम शुरू कर दिया है। डोर टू डोर कचरा उठाने वाली एजेंसी के वाहनों के साथ विशेष रूप से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये लोगों को पंफ्लेट बांट रहे हैं और कचरा सेग्रीगेशन की जानकारी दे रहे हैं। वहीं शहर के पार्कों को संस्थाओं को गोद दिया गया है। शहर के 31 शौचालयों को दुरुस्त करवाने के लिए टेंडर लगा दिए गए हैं।
यह है मौजूदा व्यवस्था
शहर से डोर-टू-डोर कचरे का उठान पूजा कंसल्टेंट एजेंसी करवाती है। एजेंसी के पास 120 के करीब सफाई कर्मचारी हैं। 60 के आसपास टाटा एस हैं। कचरा प्वाइंट से बकरियांवाली प्लांट तक ले जाने के लिए पांच बड़े डंफर हैं। 10 के करीब ट्रैक्टर-ट्राॅली हैं। वहीं नगर परिषद के पास कुल 124 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें पास बाजारों की सफाई की जिम्मेदारी है। मुख्य रोड के एक हिस्से की सफाई का कार्य डिंग मैन पावर को दिया हुआ है।
यहां पर सुधार की जरूरत
डोर- टू- डोर कूड़े के उठान के दौरान गीला और सूखा कूड़ा मिक्स उठाया जाता है।
डंपिंग प्वाइंट पर रैक पिकर कचरा बीनते हैं। अधिकतर डंपिंग प्वाइंट की चहारदीवारी नहीं बनी है। यहां बेसहारा पशु मुंह मारते हैं।
बाजारों में कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है। सुबह व शाम को एजेंसी के वाहन कचरा उठाने आते हैं।
ग्रीन बेल्ट के हालात भी संतोषजनक नहीं है।
सब्जी मंडी का सारा कूड़ा खुले में डंपिंग प्वाइंट पर फेंका जाता है।
होम कंपोस्ट शहर में नहीं देखने को मिलती है।
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वर्ष रैंक
2020 - 176
2021 - 238
2022 - 254
2023 - 269
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इस प्रकार मिले थे पूर्व में अंक
कुल अंक 7500
1. एसएलपी (सर्विस लेवल प्रोग्रेस) : कुल 4830 अंक
- सिरसा को मिले - 1593.14
2 . सर्टिफिकेशन : कुल अंक 2500
- सिरसा को मिले 525 अंक
3. सिटीजन वायस : कुल अंक 2170
- सिरसा को मिले : 1352.13 अंक
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स्वच्छता रैंकिंग के तहत चालान काटने और जागरूकता दोनों के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा। ये फील्ड में उतर कर काम करेंगी। तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ काम करेंगे। - प्रवीण कुमार, जेई नगर परिषद
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स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। तकनीकी विशेषज्ञ और जेई की अगुवाई में सफाई शाखा की ओर से कार्य किया जा रहा है। मौजूदा समय में डोर टू डोर जागरूकता पर काम किया जा रहा है। - जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद