सिरसा। सिरसा से भी उतर प्रदेश व बिहार के लिए जाने वाली निजी ऑपरेटर की बसों में क्षमता से अधिक सवारियां होने का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। आरटीए से बचने के चक्कर में निजी बस चालक बसों को चोर रास्तों से भगा ले जाते है। ऐसा ही एक मामला मंगलवार रात को डिंग थाना क्षेत्र में सामने आया। जहां आरटीए व पुलिस टीम ने बिहार की तरफ जा रही बस को रुकवा लिया और चालान किया। बाद में बस मालिक ने दूसरी बस मंगवाकर सवारियों को गंतव्य की तरफ रवाना किया।
बस में सवार दिव्यांग युवक संदीप शर्मा ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन देकर बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ बुधवार को निजी बस आपरेटर का प्रतिनिधिमंडल भी पुलिस अधीक्षक से मिला, उन्होंने एक महिला सहित चार लोगों पर परेशान करने और उनकी बसों में सवार सवारियों को जबरन अपनी गाड़ियों में बैठाने के आरोप लगाए है।
पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में हरी विष्णु कॉलोनी निवासी दिव्यांग संदीप शर्मा ने बताया कि उसने भागलपुर बिहार जाने के लिए सुरखाब चौक के निकट स्थित छापोला बस सर्विस से सीट बुक करवाई थी। इस एवज में दो हजार रुपये जमा करवाए थे। बस में क्षमता से अधिक सवारियां थी तथा बाद में भावदीन मोड़ के समीप से भी सवारियां बैठाई। इसी दौरान इन्हें सूचना मिली कि डिंग मोड़ पर आरटीओ खड़ा है, जिसके बाद बस को जोधकां गांव की तरफ से डिंगमंडी की तरफ भगा ले गए। डिंग मोड के नजदीक आरटीओ, डीटीओ व पुलिस ने बस को घेर लिया और बस को डिंग थाने में ले गए। जहां रात को बस मालिक सत्यप्रकाश छापोला आए और दो बसें मंगवाकर एक में 55 सवारियां और बाकी दूसरी बस में चढ़ा कर रवाना कर दी। संदीप ने आरोप लगाया कि बस मालिक ने उसे बस में सवार नहीं होने दिया। आरोप लगाए कि उसने उनकी बस पकड़वाई है। उसने आरोप लगाया कि बस मालिक बस में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर टैक्स की चोरी करता है, साथ ही सवारियों से अभद्र व्यवहार करता है।