फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को मार्किंग होगी डिजिटल, शिक्षक नहीं हैं प्रशिक्षित

Fri, 29 Mar 2024 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा। भिवानी बोर्ड ने इस साल से डिजिटल मार्किंग का काम शुरू करने की घोषणा की थी। जिसके बाद से उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। डिजिटल मार्किंग का प्रोजेक्ट नवंबर माह शुरू किया गया था, जो कि पूरी तरह से विफल रहा। यह कहना है हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन का।
विज्ञापन

एसोसिएशन ने फरवरी माह में बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने डिजिटल मार्किंग को लेकर चर्चा की थी। बैठक में बोर्ड चेयरमैन ने एसोसिएशन को आश्वासन देते हुए कहा था कि 3 मार्च से मार्किंग कार्य शुरू हो जाएगा, लेकिन 29 मार्च तक भी मार्किंग शुरू नहीं हुई है। जिसका खामियाजा विद्यार्थियों का भुगतना पड़ सकता है। ऐसे में पेपर चेक नहीं होने से परीक्षा परिणाम देरी से जारी होने के आसार हैं।
बता दें कि जिले के राजकीय स्कूलों के करीब 25 हजार विद्यार्थियों ने दसवीं व बारहवीं की बोर्ड की परीक्षाएं दी हैं। एसोसिएशन सदस्यों के अनुसार पेपर चेक नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों को आगामी कक्षाओं में दाखिला लेने में दिक्कत आ सकती है। इन्ही सभ समस्याओं के चलते एसोसिएशन ने भिवानी बोर्ड को पत्र लिखकर जल्द से जल्द मार्किंग कार्य शुरू करवाने की मांग की है।
विज्ञापन

डिजिटल मार्किंग को लेकर शिक्षकों में रोष
हसला राज्य प्रधान सतपाल सिंधू ने बताया कि बोर्ड की ओर डिजिटल मार्किंग का कार्य बिना किसी तैयारी के शुरू किया गया है। नवंबर माह में सप्लीमेंटरी परीक्षाओं में डिजिटल मार्किंग का काम पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया गया था। जो पूरी तरह से विफल रहा था। अब बोर्ड बड़े स्तर पर इसे बिना किसी तैयारी के धरातल पर उतारने जा रही है।
अप्रशिक्षित शिक्षकों के हाथ डिजिटल मार्किंग की बागडोर
राजकीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को जो दसवीं और बारहवीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने में सक्षम है। उनकी बोर्ड ने किसी प्रकार की कोई ट्रैनिंग नहीं करवाई है। ये शिक्षक मार्किंग करने में तो सक्षम है, लेकिन डिजिटल मार्किंग करने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। क्योंकि इन शिक्षकों को कंप्यूटर संबंधी कोई ज्ञान नहीं है और न शिक्षको को किसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया है।

पायलट प्रोजेक्ट इन कारणों से हुआ फेल
- शिक्षकों का प्रशिक्षित न होना
- इंटरनेट सुविधा सही न होना
- हार्डवेयर और सॉफ्वेयर अपडेट न होना
- शिक्षकों को कंप्यूटर जानकारी न होना
- डिजिटल मार्किंग में समय ज्यादा लगना

डिजिटल मार्किंग करवाने के लिए बोर्ड द्वारा नवंबर माह में छोटे स्तर पर पायलट प्रोजेक्ट अमल में लाया गया था। उसमें तरह-तरह की समस्याएं सामने आई। जिनके बारे में फरवरी माह में बोर्ड चेयरमैन के साथ हुई बैठक में चर्चा की गई। बैठक में चेयरमैन ने 3 मार्च को मार्किंग शुरू करने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक यह शुरू नहीं हुई है। जिससे जिले के करीब 25 हजार विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ सकती है।
विज्ञापन

-अमित मनहर, राज्य महासचिव, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन सिरसा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें