संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा।
शहर के सेक्टर-19 में स्थित हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। फ्लैटों में हर तरफ गंदगी ही गंदगी फैली हुई है। सड़कें टूटी पड़ी हैं। पीने के पानी की बात करना तो बेमानी सी है। सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं। समस्याओं का समाधान करवाने को लेकर फ्लैट वासी कई बार धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। अब फ्लैट वासियों ने जिला प्रशासन को अल्टीमेट दिया है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सभी बुधवार को किसान चौक पर रोड जाम कर प्रदर्शन करेंगे साथ ही उपमुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
हाउसिंग बोर्ड फ्लैट वासियों ने बताया कि पिछले 6 साल से उन्हें थेहड़ से लाकर यहां पर बसाया गया था। उस समय जिला प्रशासन ने उन्हें स्थायी घर देने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक प्रशासन ने नहीं दिए। फ्लैट निवासी में सीवरेज के पानी के कारण वहां पर लोगों का दम घुटता है। कई बार उन्होंने प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासन ने उन्हें लोलीपॉप देने का काम किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया। पेयजल के लिए रखी गई मोटर भी खराब है। उनके पास पीने के लिए साफ पानी तक नहीं है। न ही सीवरेज का प्रबंध है। पीने के पानी की सप्लाई के पास ही सीवरेज की पाइप होने के कारण पीने के पानी में गंदगी आ रही है। सफाई व्यवस्था बदहाल है। महीनों से कोई भी कर्मचारी या अधिकारी सफाई व्यवस्था देखने नहीं आया है।
दो सप्ताह पहले धरने में बनी थी सहमति
दो सप्ताह पहले फ्लैट वासियों ने शहर के किसान चौक पर एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन कर रोड जाम किया। इस दौरान फ्लैट वासियों ने सीटीएम को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सीटीएम ने स्ट्रीट लाइट, पीने के पानी का प्रबंधन व सीवरेज की समस्या से निजात देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि 15 दिनों के अंदर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। 2 सफाई कर्मचारियों को स्थायी रूप से फ्लैटों में रखा जाएगा। लेकिन समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ। इसलिए फ्लैटवासी एक बार फिर से रोड जाम कर करेंगे।
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व्यवस्था के नाम पर सरकार व प्रशासन ने मजाक किया है। जब थेहड़ से उठाया था तो वादा किया था कि सभी को स्थायी प्लाट दिए जाएंगे । अब सेक्टर 19 में फ्लैट दिए पर कोई प्रबंध नहीं है। अधिकारी भी सुनवाई नहीं कर रहे। मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
- कृष्ण सोनी, फ्लैट निवासी। फोटो- 34
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जिंदगी नरक जैसी बनी हुई है कोई भी यह पूछने तक नहीं आता। गंदगी में रह कर बस टाइम पास कर रहे हैं। सरकार भी हमारे साथ मजाक कर रही है। पीने को पानी नही सीवरेज बंद है कोई सुरक्षा नहीं है। कभी - कभी ऐसा लगता है कि शायद सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं रह गई। - रानी, सेक्टरवासी। फोटो- 32
मजदूरी करते हैं। रोजगार मुश्किल से चलता है। ऊपर से इस गंदगी में रहना पड़ रहा है। आए दिन बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। व्यवस्था के नाम पर सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन यहां कोई भी व्यवस्था नहीं है। सरकार को चाहिए इसका कोई हल करें नहीं तो मजबूरन सड़कों पर उतरकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ेगा। बिट्टू, सेक्टरवासी । फोटो- 36