सिरसा। वीकेंड लॉकडाउन का असर जिले भर में देखने को मिला। शहर में दुकानें बंद रहने से बाजार और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के मुख्य रास्तों पर पुलिस ने दस नाके लगाए थे, यहां पुलिस कर्मचारी वाहन चालकों से कारण पूछकर ही आगे जाने दे रहे थे। इस दौरान कुछ अस्पताल जाने तो कुई बस स्टैंड पर जाने की जानकारी देते नजर आए। शनिवार को यातायात पुलिस की ओर से बिना वजह घूमने पर 60 से अधिक लोगों के चालान काटे।
शहर के डबवाली रोड पर दूसरे रास्तों की अपेक्षा वाहनों का अधिक आवागमन दिखाई दिया, क्योंकि इसी रोड पर सभी अस्पताल हैं। अस्पताल के बाहर मरीजों के परिजन दिखाई दिए। एसडीएम जयबीर यादव व डीएसपी आर्यन चौधरी ने शहर में दोपहर दो बजे तक घूम-घूमकर पूरी स्थिति का जायजा लिया और सभी नाकों का निरीक्षण किया। शुक्रवार रात 10 बजे से लॉकडाउन शुरू होने के बाद पुलिस रोड और चौक चौराहों पर तैनात हो गई। सुबह बिना वजह घर से निकलने वाले लोगों को पुलिस ने लौटा दिया। सुबह 10 बजे कई दुकानें खुली होने के बाद पुलिस ने उन्हें बंद कराया। वहीं, परशुराम चौक पर कई रेहड़ी चालकों को पुलिस ने वापस भेज दिया। दिनभर इमरजेंसी और कृषि संबंधित वाहनों को ही आने-जाने की अनुमति दी गई। उपायुक्त प्रदीप कुमार, एसपी भूपेंद्र सिंह, एसडीएम जयवीर यादव, डीएसपी आर्यन चौधरी और थाना प्रभारी दिनभर गश्त पर रहे।
बस स्टैंड पर रही यात्रियों की भीड़
सरकारी और प्राइवेट बसे चलने के कारण दिनभर बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही होती रही। इ-रिक्शा चालक लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचाते दिखे। वहीं बसों में 50 फीसदी सवारियां ही बैठाने का नियम है, लेकिन कई बसों में इससे अधिक सवारियां बैठी थी। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ देखने को मिली।
यहां लगाए गए हैं नाके
सुरखाब चौक, बेगू रोड स्थित शाह सतनाम चौक, रानियां रोड सब्जी मंडी के पास, वाल्मीकि चौक, लाल बत्ती चौक, बरनाला रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास, बस स्टैंड के समक्ष, हिसार रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक।