सिरसा। ब्लैकआउट को जिला प्रशासन द्वारा दिन भर किए गए प्रयासों की हवा रात को निकल गई। जब नगर परिषद और बिजली निगम की लापरवाही के चलते आधा शहर पूरी तरह से रोशनी से जगमग रहा। जबकि गांवों में गांवों ब्लैकआउट पूरी तरह कामयाब नजर आया।
वहीं, जिला प्रशासन के सायरन की गुंज लघु सचिवालय की सीमाएं भी पार नहीं कर पाई। शहर में 10 मिनट का ब्लैकआउट कामयाब करने में प्रशासन पूरी तरह फेल रहा। शहर में तिरंगा लाइट, हाई मास्ट लाइट और चौकों पर लगी रंगीन लाइट शोभा बढ़ाती हुई नजर आई। सभी विभागों को एक घंटे तक उपायुक्त ने ब्लैकआउट का पाठ पढ़ाया था जो अंधेरा होते होते अधिकारी भूल गए। मौजूदा हालात साबित करते है कि प्रशासन अभी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार नहीं है।
वहीं प्रशासन की एक आह्वान गांवों में सरपंचों, ग्राम सचिव व पटवारियों ने ब्लैकआउट को कामयाब कर दिया। हालांकि कुछ जगहों पर सरकारी कार्यालयों में लगी सोलर लाइट जरूर जलती नजर आई। ओढां, नुहियावाली, रानियां, डबवाली में ब्लैकआउट कामयाब रहा।
लाइट जलाकर गुजरते रहे वाहन
शहर के मुख्य पुल से लेकर बाजारों में लाइट जलाकर वाहन गुजरते हुए नजर आए। कोई ठहराव किसी में नहीं था। डबवाली रोड, बेगू रोड, बस स्टैंड रोड, रानियां रोड, परशुराम चोक सहित सभी जगहों पर वाहन चलते हुए नजर आए।
वहीं ब्लैकआउट को लेकर उपायुक्त शांतनु शर्मा ने सुबह ही निर्देश जारी कर दिए थे। इसके बाद एडीसी ने सीडीएलयू में सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों व सरपंचों के साथ बैठक कर ब्लैकआउट के संबंध में हर प्रकार से तैयार रहने के निर्देश दिए। इसके बाद गांवों में सरपंचों ने मुनादी कराकर ग्रामीणों से ब्लैकआउट के दौरान किसी प्रकार की रोशनी न करने की अपील की। शहर में नगर परिषद ने हर वार्ड में गाड़ी भेजकर मुनादी कराई कि शहरवासी रात को सायरन बजते ही सारी लाइटें बंद कर दें।
प्रशासन ने 10 दिन ड्रोन उड़ाने पर लगाई रोक : वहीं आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने ड्रोन, ग्लाइडर, रिमोट कंट्रोल्ड एयरक्राफ्ट, फ्लाइंग कैमरा, हेली कैम और अन्य प्रकार के यूएवी की उड़ान पर 10 दिनों के लिए रोक लगा दी है। जिलाधीश शांतनु शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 और ड्रोन नियम, 2021 के नियम 24 के तहत ये आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार यह प्रतिबंध महत्वपूर्ण स्थलों, निषिद्ध क्षेत्रों, सार्वजनिक आश्रय स्थलों, अस्पतालों में लागू रहेगा।
सिरसा एयरबेस के बाहर कड़ी सुरक्षा, पीसीआर की गई तैनात
पाकिस्तान पर भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद सिरसा एयरबेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा काफी बढ़ गई है। वायु सेना केंद्र के बाहर बुधवार को पुलिस पीसीआर की कई गाड़ियां तैनात रहीं। पीसीआर की गाड़ियां दिनभर एयरबेस के चारों तक गश्त करती रहीं ताकि संदिग्ध शख्स एयरबेस के पास फटक न पाए। वहीं, एयरबेस के साथ लगते गांवों में ग्रामीणों को बताया गया कि वे आगामी आदेशों तक रात के समय किसी भी प्रकार की रोशनी न करें।
आपातकालीन स्थिति के लिए दीं ये हिदायतें
हवाई हमले का सायरन बजते ही घबराएं नहीं, तुरंत सुरक्षित आश्रय स्थल पर जाएं। nअपने घर में कम से कम 7 दिनों का राशन, पीने का पानी और जरूरी दवाएं जमा कर लें। टॉर्च, पावर बैंक, मास्क और प्राथमिक चिकित्सा किट हमेशा तैयार रखें। बिजली, गैस और पानी की मुख्य सप्लाई को तुरंत बंद कर दें। परिवार के सभी सदस्यों के जरूरी दस्तावेज और ब्लड ग्रुप की जानकारी सुरक्षित रखें।
जरूरत के समय सभी चिकित्सक करेंगे सहयोग
भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। विभाग की ओर से जिले के निजी प्राइवेट अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपातकालीन स्थिति में हमेशा तैयार रहें। सभी अस्पताल प्रर्याप्त मात्रा में दवाइयों का स्टॉक रखे। निर्देशों में कहा गया है कि जरूरत के समय सभी चिकित्सक प्रशासन का सहयोग करेंगे। कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. राजेश चौधरी ने बताया कि उपायुक्त के निर्देेश पर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तरफ से तैयारी शुरू कर दी है। दवाइयों का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में है। स्टॉफ को आपातकालीन स्थिति के दौरान तुरंत अपनी ड्यूटी पर आने का निर्देश दिया गया है। एंबुलेंस चालक 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। सिरसा में 39 एंबुलेंस विभाग के पास उपलब्ध हैं। एनएचएम कर्मियों ने भी आश्वासन दिया है कि आपातकालीन स्थिति में उनकी सेवाएं स्वास्थ्य विभाग को मिलेंगी।
सायरन की आवाज सुनते ही पहुंचे एसपी व एडीसी
सायरन की आवाज के बाद पुलिस अधीक्षक डाॅ. मयंक गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, एसडीएम राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा उपमंडल स्तर पर भी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने मॉक ड्रिल के बाद बातचीत करते हुए कहा कि यह अभ्यास इस बात को जांचने का था कि हम कितने समय में आपात स्थिति के दौरान मदद पहुंचा सकते हैं, जिससे कम से कम कैजुअलटी हो। मॉक ड्रिल के दौरान एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड के पहुंचने का समय भी नोट किया गया है। एडीसी का कहना है कि आवश्यकता अनुसार फिर से मॉक ड्रिल की जा सकती है।
रानिया के चक्का डबवाली में ब्लैकआउट का दिखा असर
रानिया के चक्का डबवाली में ब्लैकआउट का दिखा असर