संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सरल और संवेदनशील हिंदी भाषा भारत की शान है। हिंदी भाषा को स्कूल, कॉलेज, बैंक व कार्यालयों में मुख्य रूप से इस्तेमाल में लाया जाता है, लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी अदालतों में कामकाज अंग्रेजी में हो रहा है। जिला न्यायालय, हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में अंग्रेजी भाषा में ही मामलों की सुनवाई हो रही है। हरियाणा अदालतों में हिंदी भाषा में कामकाज करने को लेकर राजभाषा संशोधन कानून एक अप्रैल 2023 को लागू हो चुका है, लेकिन अभी तक हिंदी में कामकाज शुरू नहीं हो पाया है।
सहायक न्यायालय अधीक्षक राजेश कुमार का कहना है कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से हिंदी में कामकाज को लेकर कोई पत्र अभी तक जारी नहीं हुआ है। जिला न्यायालय में न तो हिंदी स्टेनो है और न ही कंप्यूटर में भी हिंदी का फॉन्ट। जिला बार एसोसिएशन सचिव एडवोकेट प्रयाग राज का कहना है कि जिला न्यायालय में हिंदी भाषा में कामकाज शुरू होने की प्रक्रिया में करीब दो वर्ष का समय लग सकता है। न्यायपालिका को हिंदी स्टेनो की भर्ती से लेकर स्टाफ को हिंदी भाषा निपुण बनाना पड़ेगा। फिलहाल न्यायाधीश से लेकर नीचे का सारा स्टाफ अंग्रेजी भाषा में कामकाज करना जानता है। न्यायालय में अंग्रेजी में ही बहस और फैसले हो रहे हैं।
जल्द हिंदी में कामकाज शुरू हो
देश के कुछ राज्यों में तो जिला अदालतों में हिंदी भाषा में कामकाज शुरू से ही हो रहा है। राजस्थान इसका एक उदाहरण है। राजस्थान की जिला अदालतों में सुनवाई से लेकर हर काम हिंदी भाषा में होता है। हरियाणा भी हिंदी भाषी प्रदेश है, लेकिन यहां की अदालतों में अंग्रेजी का बोलबाला है। जिस वजह से जनता को न सिर्फ न्याय हासिल करने में परेशानी होती है, बल्कि मामलों की सुनवाई करने वाले वकीलों को भी कभी कभार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हरियाणा की जिला अदालतों में हिंदी भाषा में कामकाज जल्द शुरू होना चाहिए।
- संजू बाला, महिला अधिवक्ता।
हिंदी से आमजन को होगा बहुत लाभ
देश में सबसे ज्यादा हिंदी भाषा बोली जाती है। हरियाणा भी हिंदी बहुल प्रदेश है। जिला न्यायालय में वकील हिंदी और अंग्रेजी भाषा में पैरवी करते हैं, लेकिन लिखित रूप में हिंदी भाषा का प्रयोग नहीं हो रहा। अप्रैल 2023 में प्रदेश सरकार ने कानून लागू किया था कि अदालतों में हिंदी भाषा में कामकाज होगा, लेकिन अभी तक तो प्रक्रिया ही शुरू नहीं हुई। वैसे अगर हिंदी में कामकाज शुरू भी हो जाएगा तो भी सुप्रीम कोर्ट में काम अंग्रेजी में ही होगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की ऑफिशियल लैंग्वेज अंग्रेजी है। जिला अदालतों में हिंदी में कामकाज शुरू होने से आमजन को बहुत लाभ होगा। - एडवोकेट लक्की दुग्गल, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष।
तेजी से कदम उठाए हाईकोर्ट
प्रदेश की अदालतों में हिंदी भाषा में कामकाज के लिए कानून लागू हुए 6 माह हो चुके हैं, लेकिन अभी तक संबंध में प्रक्रिया शुरू न होना काफी निराशाजनक है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को इस दिशा में तेजी से कदम उठाना चाहिए। अंग्रेजी में सुनवाई और फैसले होने की वजह से जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हिंदी में कामकाज शुरू होने पर दोनों पक्षों को बहस करने और फैसला समझने में आसानी होगी। यह बड़ा दुख का विषय है कि हाईकोर्ट न्यायालयों में हिंदी भाषा में कामकाज शुरू कराने में देरी कर रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में कदम उठाया जाएगा। ज्योति सेठी, महिला अधिवक्ता।
जिला न्यायालय में हिंदी भाषा में कामकाज शुरू होने की प्रक्रिया में करीब दो वर्ष का समय लग सकता है। न्यायपालिका को हिंदी स्टेनो की भर्ती से लेकर स्टाफ को हिंदी भाषा निपुण बनाना पड़ेगा। फिलहाल न्यायाधीश से लेकर नीचे का सारा स्टाफ अंग्रेजी भाषा में कामकाज करना जानता है। अप्रैल 2023 में सरकार ने संशोधन कानून द्वारा हरियाणा राजभाषा अधिनियम 1969 में एक नई धारा तीन ए जोड़कर प्रदेश के सभी सिविल और क्रिमिनल न्यायालयों में हिंदी भाषा का प्रयोग करने संबंधी प्रावधान किया था। - एडवोकेट प्रयाग राज, जिला बार एसोसिएशन, सचिव।