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जेल वार्डर ने की खुदकुशी: 'मैंने तो माफ कर...', मरने से पहले सुखदेव ने बेटे को की थी वीडियो कॉल; कही थी ये बात

Sat, 03 Jan 2026 12:54 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, सिरसा

सार

सिरसा जेल में तैनात जेल वार्डर सुखदेव सिंह जेल उपाधीक्षक और लाइन ऑफिसर से परेशान था। मौत से पहले जेल वार्डर ने बेटे से वीडियो कॉल पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि इन लोगों ने मुझे बहुत परेशान किया है। ये मुझे जातिसूचक शब्द से प्रताड़ित करते हैं। इनको माफ मत करना बेटा। इसके बाद उन्होंने कॉल काट दी। 
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Jail warder commits suicide - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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सिरसा जेल उपाधीक्षक व लाइन ऑफिसर जेल वार्डर सुखदेव सिंह को काफी दिनों से तंग कर रहे थे। यह बात उन्होंने अपने परिवार में भी बताई थी। इस संबंध में उनके पिता दीप सिंह जेल उपाधीक्षक वरुण गोदारा की मां से भी मिले थे। परिजनों ने चिकित्सकों के बोर्ड से मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। 
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जसपाल ने बताया कि पिता दोनों अधिकारियों से काफी परेशान थे। वे हृदय रोगी थे और छह माह पहले ही उनके दो स्टेंट डाले गए थे। उन्होंने अपनी परेशानी दादा को बताई थी। इस पर करीब 10 दिन पहले वे फतेहाबाद में रह रहीं वरुण गोदारा की मां से मिलने गए थे।
 
उन्होंने उनसे कहा था कि बेटा हार्ट का पेशेंट है। रात में ड्यूटी से उसे काफी परेशानी होती है। आप अपने बेटे से कह देंगी तो उसकी ड्यूटी दिन में लग जाएगी। इससे उसे बड़ी राहत मिलेगी। इस पर वरुण गोदारा की मां ने कहा कि बंदा ही बंदे के काम आता है। मैं बेटे से बात करूंगी। 
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जसपाल ने बताया कि जब वरुण गोदारा को इसका पता लगा तो वह और भड़क गए। पिता को जेल में ही गार्ड के सामने प्रताड़ित किया जाने लगा। इससे वे और ज्यादा तनाव में रहने लगे थे।
 

ड्यूटी के लिए 15 दिन से तंग करने का आरोप
 जेल महानिदेशक के नाम लिखे सुसाइड नोट में भी उन्होंने जेल उपाधीक्षक पर ड्यूटी के लिए 15 दिन से तंग करने का आरोप लगाया है। वहीं, आत्महत्या करने से पहले उन्होंने सुसाइड नोट की अंतिम पंक्तियों में बेटे जसपाल को बहन और मां का ख्याल रखने को कहा।

पहले पुलिस विभाग में थे तैनात
जसपाल ने बताया कि पिता सुखदेव सिंह भजनलाल सरकार में हरियाणा पुलिस में तैनात हुए थे। लेकिन कुछ अनियमितताओं की वजह से भर्ती रद्द कर दी गई और उनके बैच के सभी कांस्टेबल को हटा दिया गया। वर्ष 2014 में उन्हें हरियाणा जेल विभाग में नौकरी मिली। तीन साल तक हिसार सेंट्रल जेल में ड्यूटी रही।

इसके बाद से सिरसा जेल में तैनात थे। उन्होंने बताया कि परिवार के सभी लोग फतेहाबाद के हिजरावां खुर्द गांव में रहते हैं और खेती-बाड़ी करते हैं। मेरे परिवार के ही चाचा लेखराज सिरसा सदर थाने में सब इंस्पेक्टर है।
 

सुसाइड से पहले की थी वीडियो कॉल
जसपाल ने बताया कि वीरवार शाम पिताजी ने उसे वीडियो कॉल की थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने मुझे बहुत परेशान किया है। ये मुझे जातिसूचक शब्द से प्रताड़ित करते हैं। इनको माफ मत करना बेटा। इसके बाद उन्होंने कॉल काट दी। कुछ ही देर में मुझे जेल से सूचना मिली की आपके पिता ने कीटनाशक खा लिया और उन्हें नागरिक अस्पताल लाया गया है।

जेल अधीक्षक बोले-मैंने माफ कर दिया था
जेल अधीक्षक जसवंत सिंह ने कहा कि जेल कर्मचारी सुखदेव सिंह ने सुसाइड कर लिया है। इसका जो भी कारण है, जांच के बाद ही पता चल पाएगा। दोनों अधिकारियों पर जातिसूचक गालियां देने के भी आरोप लगे हैं। सुखदेव सिंह का बुधवार को एल्कोहल टेस्ट कराया था। उन्होंने मुझसे माफी मांगी थी और मैंने माफ भी कर दिया था।

परिवार और गांव में शोक की लहर
सिरसा जेल में जेल वार्डर सुखदेव के आत्महत्या करने की खबर मिलते ही उनके गांव हिजरावां खुर्द व परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोग तत्काल सिरसा पहुंच गए। सुखदेव सिंह के माता-पिता, पत्नी और बेटा-बेटी गांव में ही रहते हैं। संयुक्त परिवार है।

सुखदेव सिंह के एक भाई गुरदेव जर्मनी में रहते हैं दूसरे भाई राजकुमार खेती-बाड़ी संभालते हैं। चाचा अमरजीत नंबरदार और दूसरा चाचा दलीप सिंह सेवानिवृत फौजी है और पांच साल गांव के सरपंच भी रह चुके हैं। वीरवार दोपहर बाद परिवार के लोग गांव लौट आए। 
 
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जेल वार्डर सुखदेव सिंह की मौत का काफी दुख है। सुसाइड नोट व मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जसवंत सिंह, जेल अधीक्षक, सिरसा।
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