सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल हुड्डा ने कहा कि गीता हमारे जीवन का सार है। गीता मानव को कर्म करने का संदेश देती है। गीता भारतीय संस्कृति का आधार है और हिंदू शास्त्रों में गीता को प्रमुख स्थान दिया गया है। गीता प्रत्येक इंसान के लिए एक मार्गदर्शक का कार्य करती है। हमें गीता के संदेश को जीवन में धारण करना चाहिए।
कार्यक्रम के पहले दिन गीता परिवार की ओर से हवन किया गया। इसमें एसडीएम जयवीर यादव सहित सामाजिक संस्थाओं ने आहुति डाली। जिला प्रशासन के विभिन्न सरकारी विभागों ने कुल 23 स्टॉलें लगाई और मॉडल प्रस्तुत किए गए। वहीं कार्यक्रम में सेल्फी प्वाइंट बनाएं गए जहां पर दर्शकों समेत प्रतिभागियों ने सेल्फी ली। गीता महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों ने वंदे मातरम से की। इस दौरान विद्यार्थियों ने त्रेता युग, महाभारत काल से आज तक नारी की दशा का बेहतरीन चित्रण प्रस्तुत किया। वहीं कोंकणी नृत्य, नृत्य नाटिका व कॉरियोग्राफी, गरबा नृत्य द्वारा गीता का उपदेश दिया गया। बता दें कि सांसद सुनीता दुग्गल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थी, लेकिन किसी कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाई। इसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त राहुल हुड्डा ने कार्यक्रम का आरंभ किया।
सरस्वती नदी प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज के मुख्य द्वार पर सरस्वती नदी प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें सरस्वती नदी किस प्रकार से विलुप्त हुई। किस प्रकार से नदी मिली का वर्णन किया गया। प्रदर्शनी में सरस्वती नदी का सिरसा से गुजरना दर्शाया गया था।
बच्चों ने दिखाई लोक संस्कृति की झलक
जिला के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने विभिन्न थीम पर प्रस्तुति दी। विद्यार्थी द्वारा दी गई प्रस्तुति में लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। इस दौरान आयोजित प्रतियोगिता में स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रथम, शिक्षा विभाग की टीम द्वितीय, आयुष विभाग की टीम तृतीय रही।
पहले के मुकाबले कम दिखी दर्शकों की भीड़
जिला प्रशासन की ओर से हर वर्ष गीता महोत्सव का कार्यक्रम रखा जाता है। पिछले साल कोरोना महामारी के कारण महोत्सव नहीं हो पाया। जिसके चलते इस बार कोरोना के बाद प्रशासन द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लेकिन दर्शकों ने कार्यक्रम में अधिक रूची नहीं दिखाई । वहीं पहले के मुकाबले गीता महोत्सव पर इस बार दर्शकों की भीड़ बहुत कम दिखाई दी।
महोत्सव में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का रहा विशेष योगदान :
महोत्सव में सनातन धर्म सभा, सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, ब्राह्मण सभा, प्रभु प्रेमी संघ, महात्मा बुद्ध योग संस्थान, महोत्सव में चिल्ला साहिब गुरुद्वारा से लंगर सेवा लगाई गई। इस मौके पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान से बहन मनीषा भारती, चंडा भारती द्वारा अंत में आरती की गई।
रोडवेज की ओर से कुरुक्षेत्र मेले के लिए लगाई स्पेशल दो बसें
वहीं कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव के आयोजन को लेकर रोडवेज की ओर से स्पेशल दो बसें लगाई गई। जोकि सिरसा बस स्टैंड से सुबह आठ बजे कुरुक्षेत्र के लिए रवाना होती है। बस में यात्रा करने वाले श्रद्घालुओं से 50 फीसदी किराया ही लिया जा रहा है। बस सिरसा से रवाना होकर सीधा कुरुक्षेत्र में पहुंचती है। किसी भी अन्य यात्री को बस में सवार होने के लिए अनुमति नहीं है।
राजस्थानी वेशभूषा में पोज देती छात्राएं।- फोटो : Sirsa
राधा- कृष्ण लीला का चित्रण करते बच्चे।- फोटो : Sirsa