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पाकिस्तान में नेता गेहूं और चावल कम खरीदने की अपील करते हैं, हमारे यहां स्थिति वैसी नहीं : डिप्टी स्पीकर

Sun, 21 Jun 2026 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा में शहीद भगत सिंह स्टेडियम में योग करते डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा व अन्य। 
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सिरसा। हमारे साथ आजाद हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान के नेता अपनी जनता से अपील कर रहे हैं कि गेहूं और चावल की कम खरीददारी करें। वहां पर कीमत 150 रुपये प्रति किलो है, हमारे यहां स्थिति वैसी नहीं है। देश में कोई दिक्कत आती है तो हम पूरी तरह से तैयार हैं। यह बात डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए सवालों का जवाब देते हुए कही।
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डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में शामिल होने आए हुए थे। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा को कम करने का काम किया है। उन्होंने कम से कम ईंधन व गैस का प्रयोग करने की अपील की है। इसके साथ ही देशवासियों से कहा कि सोना कम से कम खरीदने का काम करें। कोई जरूरत हो तो खरीदे। जब कोई घर का बड़ा कोई बात करता है तो उसका महत्व होता है।
डिप्टी स्पीकर ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री तो जनता से कह रहे है कि सोना कम खरीदें और जरूरत हो तो ही खरीदे। हमारे साथ आजाद हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान के नेता अपनी जनता से अपील कर रहे है कि गेहूं और चावल की कम खरीददारी करें।
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कांग्रेस वाले छोटी सोच के लोग
उन्होंने कहा कि विपक्षी कहते हैं कि प्रधानमंत्री सैर सपाटे के लिए जाते हैं। ऐसा कुछ नहीं है। विदेशी दौरे में वह सैर-सपाटे के लिए नहीं जा रहे हैं। वे कुछ न कुछ लेकर ही आए हैं। खाड़ी युद्ध की समस्या को खत्म कर कुछ लेकर आए हैं। आपके घर पर संकट आ जाए तो आप भी घर से बाहर जाएंगे। कांग्रेस वाले छोटी सोच के लोग हैं। कुछ ऐसा नहीं है कि सत्र बुलाया जाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब सत्र बुलाया जाता है तो ये भाग जाते हैं। सुनने की तो हिम्मत रखो। एक कहावत है कि जो जान लेना चाहते हैं तो जान लेने का अंदाज भी आना चाहिए। वे सेशन की फरमाईश करते हैं तो अंत तक बैठने की हिम्मत होनी चाहिए। सेशन बुलाने पर भाग जाते हैं। ये लोग अपनी जगह और धरती तलाश रहे हैं।

विधायक और अधिकारी आपस में तालमेल रखें
उन्होंने कहा कि अधिकारी का फर्ज बनता है कि विधायकों के प्रोटोकॉल को निभाए। वहीं, विधायक भी अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चले। दोनों को मिलकर काम करना चाहिए। विकास के लिए कमेटियों के पास पैसे की कमी नहीं है। प्रधान हैं, पैसा लगाएं। पार्क संस्थाओं को दिए हुए हैं आप काम करवाएं। उन्होंने कहा कि वे हमेशा कहते है कि मेरे जींद को पिछड़ा हुआ कहा जाता था, आज आप जाकर देखें जींद कैसा है। सरकार पैसा देने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। वो चाहे पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल हो या मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हो। पैसा की देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। विकास करवाना आना चाहिए।
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